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बेटी की मौत है संदिग्ध

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महिला सिपाही की मौत के बाद परिवार में सन्नाटा
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कमरे में फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश
देवरिया जिले के बनकटा थाने पर तैनात थी जुलेखा
खबर मिलते ही घर में मचा कोहराम
परिजन बोले, जुलेखा की मौत संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
कासिमाबाद। थाने के सोनबरसा निवासी जुलेखा खातून देवरिया जनपद के बनकटा थाने पर तैनात थी। बुधवार की शाम महिला पुलिस कर्मी की मौत की खबर घर वालों को मिली, तो चहुओर कोहराम मच गया। उसका शव उसके सरकारी आवास के अंदर छत की कुंडी में लटकता हुआ मिला था। इस सूचना के बाद परिवार के पुरुष सदस्य देवरिया के लिए रवाना हो गए हैं। पिता का कहना था कि उसकी बेटी कभी भी आत्महत्या नहीं कर सकती है। यह मौत संदिग्ध है और इसकी जांच कराई जाएगी।
कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव निवासी मुमताज अहमद की पुत्री जुलेखा खातून उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर देवरिया जनपद के बनकटा थाने में तैनात थी। वह छुट्टी पर बीते 22 सितंबर को घर आई थी और 24 को थाना के लिए घर से रवाना हो गई थी। वह देवरिया कोतवाली स्थित सरकारी आवास में रहती थी और वहीं से बनकटा थाना आती-जाती थी। परिवार वालों की माने तो बुधवार की देर शाम करीब सात बजे कोतवाली में तैनात एक पुलिस कर्मी ने जुलेखा के कमरे की तरफ नजर दौड़ाया तो खुली खिड़की से देखा वह कमरे की छत की कुंडी में दुपट्टा से सहारे लटक रही है। उसने तत्काल इसकी जानकारी आला-अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने दरवाजा खोलकर जुलेखा को चिकित्सक के पास ले गए, जहां उसने मृत घोषित कर दिया था। अधिकारियों ने घटना की सूचना मृतक का घर वालों को दी, जिससे घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोग चीख-पुकार करने लगे। रोने की आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी वहां पहुंच गए और घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बिलख रहे लोगों को सांत्वना देने ने में जुट गए। मृतका के पिता मुमताज और उनके भाई अन्य लोगों के साथ देवरिया के लिए निकल रवाना हो गए। मृतका जुलेखा के पिता मुमताज ने बताया कि जुलेखा के कमरा में बिस्तर पर प्लास्टिक की रस्सी पड़ी हुई थी। इसी प्लास्टिक की रस्सी से उसका गला दबाकर हत्या कर दिया गया है। बाद में उसे दुपट्टा से पंखा के हुक में लटका दिया गया है। उसके गले में रस्सी का निशान साफ दिख रहा है। कहा कि जुलेखा काफी समझदार थी। कभी भी आत्महत्या कर सकती। मुझे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे कि यह स्पष्ट हो जाए कि उसकी मौत किन कारणों से हुई। परिवार के लोग बिलखते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव आने का इंतजार करते रहे।
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इनसेट...
जुलेखा की तीन बहनें भी हैं सिपाही
कासिमाबाद। देवरिया कोतवाली में स्थित अपने आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई जुलेखा अपने आठ भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी। उसकी चार बहनें उत्तर प्रदेश पुलखिस में सिपाही हैं। आठ भाई बहनों में सबसे बड़ी जमीला इलाहाबाद में तैनात है। दूसरी आसमा मिर्जापुर में तथा चौथी रुबीना गोरखपुर के गगहा थाने पर तैनात है सिपाही के पद पर तैनात है। पांचवे नंबर पर उसका भाई महताब अहमद एवं छठवां नंबर पर उसकी बहन अमीना, सातवें नंबर पर नेहा और आठवें नंबर पर तनु है, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। जुलेखा की मौत की खबर से उसकी मां हदीसुन सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बेहाल थे।
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