गाजीपुर। गंगा के कहर से अब जिले के सैकड़ों गांवों के लोगों का हौसला टूटता जा रहा है। हर ओर तबाही का ही मंजर दिख रहा है। जमानिया, सैदपुर, सदर तहसीलों के सैकड़ों गांव डूब गए हैं। लोगों में आनन फानन हैं। आंखों के सामने ही सब कुछ बर्बाद हो रहा है लोग सूनी आंखों से उसे निहार रहे हैं। मुहम्मदाबाद, सेवराई आदि तहसीलों के सैकड़ों गांवों में शुक्रवार को भी पानी प्रवेश करता रहा। पीड़ित रात को अंधेरे में रहने को विवश हैं। राहत सामग्री सिर्फ कागजों पर बांटी जा रही है। शिविरों में सैकड़ों लोग बीमार हो कर कराह रहे है। प्रशासन सुधि नहीं ले रहा है। जलस्तर के बढ़ाव में थोड़ी कमी आई है। शुक्रवार की शाम तक जलस्तर 64.280 तक पहुंच गया था। गंगा की सहायक नदियां बेसो, मगई और कर्मनाशा नदी में भी बढ़ाव हो रहा है जिससे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गोमती नदी के भी तेवर ढीले नहीं पड़ रहे हैं। दर्जनों गांव इसकी चपेट में हैं।
सदर क्षेत्र के कुर्था, बयेपुर, सोकनी, पुरैना, जैतपुरा, आदि गांवों के पीड़ित राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। जहां पानी बढ़ रहा है वहां के लोग लगातार पलायन कर रहे हैं। औड़िहार संवाददाता के अनुसार गंगा की बाढ़ से प्रभावित गांवों में औड़िहार , शादी- भादी , गोपालपुर , सैदपुर , बद्दूपूर , सराय चाडी , मीरपुर तिरवाह , आराजी गंज , चककमाल , पाहीपर , पलिया , शेख पुर , बोझा , दुबैथा , चकेरी , फुलवारी खुर्द , देवचंद पुर , मनझरिया , छपरा , नारी पचदेवरा , जेवल आदि में तबाही का मंजर दिख रहा है। सामानों को ढोने के लिए नावें कम पड़ रही हैं। दौरे पर जा रहे अधिकारियों से लोग गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है। इसी प्रकार गोमती नदी के बढ़ाव से सिधौना , हथौड़ा , कुशई , खरौना , गौरी , तेतार पुर , मुहब्बतपुर , गौरहट , बहुरा आदि गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सबसे दयनीय दशा खरौना तथा गौरहट गांव की है। गांव तीन ओर से पानी से घिर गया है । संपर्क मार्ग टूट गया है। भांवरकोल संवाददाता के अनुसार कठार, निकरोजपुर, आमघाट, रानीपुर, नकटीकोल आदि गांवों की हालत दयनीय बनी हुई है। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार बच्छल का पुरा, सेमरा, धर्मपुरवा, फिरोजपुर, बीरपुर आदि गांवों में बढ़ाव का क्रम शुक्रवार को भी बना रहा। शेरपुर के मौजा मुबारकपुर, पचासी, छनबेईया में भी पानी का बढ़ाव जारी रहा।इन गांवों के सैकड़ों घरों में पानी प्रवेश कर गया है। लोग शिविरों, सड़कों या खुले में रहने को विवश हैं। सुहवल संवाददाता के अनुसार गंगा की बाढ़ से कासिमपुर, बहलोलपुर, मेदनीपुर, ताड़ीघाट, युवराजपुर, कालूपुर, पटकनियां ,डुहियां भगीरथपुर आदि गांवों की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। अधिकतर गांवों में पानी प्रवेश करने लगा है।