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गाजीपुर जेल में बड़ा खुलासा: रुपये दो, फोन पर बात करो... की तर्ज पर कार्डलेस फोन लेकर जेल में घूमता था ये शख्स

Tue, 18 Mar 2025 10:03 AM IST
प्रगति चंद गाजीपुर (अंकुर शुक्ला), संवाद न्यूज एजेंसी, गाजीपुर।

सार

Ghazipur News: गाजीपुर जेल में बंदियों व कैदियों को फोन पर बात कराने के मामले में नए- नए खुलासे हो रहे हैं। मामले में अधिकारियों के खिलाफ एक्शन भी लिया गया है। वहीं पता चला है कि जेल में अधिकारियों का करीबी आरोपी पवन सिंह कार्डलेस फोन लेकर घूमता था। 
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गाजीपुर जेल मामला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजीपुर जिला जेल में एक बड़ा खुलासा हुआ है। हर माह जांच में जाने वाले अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने वाले जेल प्रशासन ने छात्रों की शिकायत के बाद अपना खेल छुपाने की भरपूर कोशिश की। जांच से यहां तक खुलासा हुआ है कि जेल अधीक्षक और जेलर के करीबी मुख्य आरोपी पवन सिंह एक कार्डलेस फोन लेकर जेल की बैरकों में घूमता था, जो रुपये देता उसे उसके बताए नंबर पर बात करा देता। हालांकि उसे कुछ दिन पहले ही केंद्रीय जेल वाराणसी भेज दिया गया।

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जेल से अवैध कॉलिंग का सबसे बड़ा खुलासा बिहार में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी विनोद गुप्ता के मामले में हुआ है, जो जेल में बंद है। विनोद ने जेल से फोन कर पीड़ितों को धमकाया और गवाही न देने के लिए पैसे देने की पेशकश की थी। इस मामले की जानकारी होने के बाद जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विनोद ने जेल मैनुअल के हिसाब से तीन बार फरवरी में बात की।

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इधर, पुलिस-प्रशासन की जांच में पता चला कि विनोद गुप्ता जेल में कार्डलेस सिम से बात कराने वाले पवन सिंह के संपर्क में आ गया, जो पवन सिंह के कहने पर बंदी बजरंगी से कहलवाकर उसके चचेरे भाई पंपी से सिम कार्ड अंदर मंगवाया। इसके खिलाफ चार मार्च को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। उसने कई खुलासे किए। 

इसके अगले ही दिन डीएम आर्यका अखौरी, एसपी डॉ. ईरज राजा, एएससी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, सीआरओ आयुष चौधरी सहित जांच टीम जिला जेल गई। बंदियों-कैदियों और जिम्मेदारों से पूछताछ में सामने आया कि जेल में कई कैदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। पैसे लेकर उन्हें खास सुविधाएं दी जा रही थीं और वे बिना रोक-टोक मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे।  

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