दोनों गांवों में दोबारा पथराव, चार पुलिस कर्मी घायल
दूसरे दिन भी अशांत हुआ गांव, मार्ग बंद, एक घंटे आवागमन बाधित
पुलिस ने लाठी भांजकर उपद्रव मचाने वालों को खदेड़ा
सरैयां की महिलाओं के झूठी अफवाह फैलाने पर शुरू हुआ बवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सुहवल। थाना क्षेत्र के दो गांवों में मारपीट और पथराव के बाद रविवार की सुबह शांति कायम रखने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान सरैयां और कासिमपुर गांव में चक्रमण कर रही थी। इसी बीच सरैया गांव की कुछ महिलाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया और यह अफवाह फैलाई की कासिमपुर गांव के कुछ युवक घर में घुसकर मारपीट कर रहे हैं। इसके बाद सरैयां और कासिमपुर गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष लाठी-डंडा से लैस होकर आमने-सामने आ गए। इसके बाद पुन: दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। पत्थरबाजी के दौरान पुलिस पहले मूकदर्शक बनी रही। बाद में दोनों गांवों के बीच उपद्रव को बढ़ते देख पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया। हमले में चार पुलिस कर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस कर्मियों पर हुए हमले की सूचना मिलते ही मौके पर एसपी ग्रामीण समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई। इसके बाद पथराव रोकने के लिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। वर्तमान समय में दोनों गांव के बीच तनाव बरकरार है। गांव में पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
इलाके के सरैया गांव में शुक्रवार की देर शाम कुछ युवक सरस्वती पूजा के दिन मां की प्रतिमा पंडाल में न ले जाकर पंचायत भवन पर ले गए। इस बात को लेकर पंचायत भवन की रखवाली करने वाले कासिमपुर गांव के युवक से विवाद हुआ था। शनिवार की सुबह एक युवक की लोगों ने पिटाई कर दी। इसके बाद सरैया और कासिमपुर गांव के महिला-पुरुष लाठी-डंडे से लैस हो आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से जमकर मारपीट और पथराव हुआ। मौके पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने करीब चार घंटे बाद हालात पर किसी तरह काबू पाया था। दोबारा गांव के लोग बवाल न करें, इस आशंका से गांव में पीएसी के साथ ही पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। रविवार की सुबह करीब दस बजे शांति व्यवस्था के मद्देनजर थाना प्रभारी संजय वर्मा पुलिस कर्मियों के साथ कासिमपुर गांव में चक्रमण कर रहे थे। दूसरी तरफ पीएसी के जवान भी गांव की गतिविधि०ों पर नजर रखे हुए थे। इसी बीच सरैया गांव की कुछ महिलाओं ने शोर मचाना शुरू किया। वह कासिमपुर गांव के कुछ युवकों के गांव में आने और घर में घुसकर मारपीट करने की बात कह रही थीं। फिर क्या था देखते ही देखते दोनों गांव में अशांति फैल गई। हाथों में लाठी-डंडा और ईंट लेकर ग्रामीण घर से बाहर निकल आए। गाजीपुर-जमानिया हाई-वे मार्ग पर पहुंच गए और दोनों तरफ से पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीणों के साथ उपद्रियों की संख्या अधिक थी। यह देख पहले पुलिस शांत रही। बाद में उपद्रियों को रोकने के लिए पुलिस आगे बढ़ी, इस पर गांवों वालों ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया। पथराव में प्रभारी निरीक्षक के चालक रघुवंश राय, विजय कुमार, लालव्रत और दारोगा बलवंत यादव चुटहिल हो गए। थाना प्रभारी ने तत्काल मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद एसपी ग्रामीण चंद्रप्रकाश शुक्ल कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रियों को गांव में खदेड़ते हुए लगभग एक घंटे बाद माहौल को शांत कराया।
(फोटो भी)
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...और एक घंटे तक अशांत रहे गांव
सुहवल। पंचायत भवन में प्रतिमा रखने को लेकर शनिवार की सुबह सरैया और कासिमपुर गांव के लोगों में जमकर पथराव हुआ था। सरैया गांव की महिलाओं ने झूठी अफवाह फैलाई की कासिमपुर गांव के कुछ युवक घर में घुसकर लोगों की पिटाई कर रहे हैं। इसके बाद रविवार की सुबह दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। इससे हो-हल्ला के बीच करीब एक घंटे तक गांव अशांत रहा। फिर पुलिस ने किसी तरह हालात को शांत किया।
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घर छोड़कर फरार हो गए पुरुष
सुहवल। सरैया और कासिमपुर गांव में उपद्रव और पथराव के बाद 300 अज्ञात और 58 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की दबिश से परेशान हो गांव के सभी पुरूष और युवक घर छोड़कर फरार हैं। इन गांवों के बीच दोबारा रविवार की सुबह पुन: पथराव शुरू होने से वहां तैनात पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। उसने लाठियां भांजकर दोनों गांव के लोगों को खदेड़ा। खासकर महिलाओं का आक्रोश देखते हुए पुलिस गांव के बाहर सड़क पर तैनात है। उधर गांव के पुरूष इस भय से घरों से निलकर इधर-उधर चले गए हैं कि उन्हें भी पुलिस गिरफ्तार न कर ले।
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