शशिकांत उपाध्याय ने कहा कि बस लोग आ रहे हैं, इस मामले को रफादफा करने के चक्कर में। जब कहा जा रहा है कि छोटे भाई सियाराम की मौत हार्ट अटैक से हुई है तो पैसा किस बता का, क्या होगा पैसा। दस लाख जो प्रशासन ने दिया है, वह पैसा वापस करने को राजी हूं, मुझे नहीं चाहिए। किसी आर्थिक मदद ही नहीं हमदर्दी भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सब मिली भगत और साजिश है। किसी की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं।