गाजीपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना की तरह मुख्यमंत्री आवास योजना की भी जियो टैगिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह कवायद धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आवास योजना में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। जनपद में मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2019-20 से शुरू हुई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक जिले में 154 करोड़ की लागत से 12 हजार 870 मुख्यमंत्री आवास का निर्माण हुआ है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए करीब दो हजार आवेदन पंजीकृत हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तर्ज पर मुख्यमंत्री आवास योजना की जियो टैगिंग की गई है। आवास निर्माण की प्रगति व स्थान की पुष्टि के लिए यह कवायद की गई है।
पीएमएवाई-अर्बन वेबसाइट पर जियो टैग की तस्वीरों व मकानों की प्रगति को देखा जा सकेगा। इससे लाभार्थी को मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। जिले में बीते एक माह से चल रहा जियो टैगिंग का कार्य 31 अगस्त को पूरा हुआ है।