मुहम्मदाबाद के अग्रवाल टोली स्थित राधाकृष्ण मंदिर में श्रद्धालुओं को अनंत चतुर्दशी की कथा करते
गाजीपुर। सुख, शांति और वैभव की कामना के साथ जिले भर में अनंत चतुर्दशी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और भगवान अनंत की कथा सुनी। 14 गांठ वाला अनंत सूत्र धारण किया। कथा के श्रवण के बाद कुछ लोगों ने अन्न-जल ग्रहण किया जबकि कुछ लोगों ने दिन भर का व्रत रखा। अनंत चतुर्दशी को लेकर शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों में उत्साह रहा। कई लोगों के घरों तथा मंदिरों में पंडितों तथा पुरोहितों की ओर से भगवान अनंत की कथा सुनाई गई। कई व्रतियों ने गंगा स्नान भी किया। पूजा पाठ का क्रम दोपहर तक बना रहा। कथा सुनने के बाद श्रद्धालुओं ने दाहिनी कलाई तथा भुजा पर पीले रंग के अनंत का धागा बांधा। पंडित मुनींद्रनाथ उपाध्याय ने बताया कि मान्यता है कि अनंत सूत्र के धारण करने से लोगों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इसे पांडवों ने भगवान कृष्ण की तरफ से बताए जाने पर भगवान विष्णु के पूजन-अर्चन के बाद बांधा था। इसी के चलते उनके कष्टों का निवारण हुआ। पर्व पर लोगों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। सूत्र बांधकर भगवान अनंत से कष्टों को दूर करने के लिए प्रार्थना की। कथा श्रवण के बाद अनंत के धागे को महिलाओं ने बाईं तथा पुरुषों ने दाईं हाथ या भुजा में पहना। मुहम्मदाबाद नगर के अग्रवाल टोली स्थित राधाकृष्ण मंदिर, तहसील स्थित मनोकामना देवी मंदिर, परसा स्थित हनुमान मंदिर में अनंत भगवान की कथा हुई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने निर्जल व्रत रखकर कथा श्रवण के बाद जल ग्रहण किया। राधाकृष्ण मंदिर में पंडित भागवत तिवारी ने कथा में व्रत की महिमा बताते हुए कहा कि इस व्रत से अनंत फल की प्राप्ति होती है। बताया कि अनंत चतुर्दशी के ही दिन लोग अपने पितरों को गया में पिंडदान करने के लिए ग्राम भ्रमण के बाद प्रस्थान करते हैं।