बिरनो। थाना क्षेत्र के भवरहां (दुदवापार) गांव निवासी लद्दाख में तैनात सेना के जवान की बीते दिनों बर्फ में दबने से मौत हो गई थी। सोमवार की सुबह घर से शवयात्रा पैदल प्रारंभ होकर बिरनो थाना पर पहुंची। यहां लोगों ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पार्थिव शरीर रखकर जाम लगा दिया कि अभी तक जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दरवाजे पर नहीं पहुंचे। थानाध्यक्ष ने लोगों को समझाया-बुझाया। इस पर 20 मिनट बाद शव यात्रा श्मशानघाट के लिए रवाना हुई। नगर के श्यमशान घाट पर सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी। मुखाग्नि बड़े भाई ने दी।
क्षेत्र के भवरहां (दुदवापार) गांव निवासी सेना के जवान विनोद राजभर (30) की लद्दाख में बीते दिनों ने बर्फ में दबने से मौत हो गई थी। रविवार की देर शाम शव घर आते ही कोहराम मच गया था। शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया था। सोमवार की सुबह करीब दस बजे दरवाजा से शव यात्रा पैदल निकली। विभिन्न गांवों से होते हुए करीब पांच किलोमीटर दूर बिरनो थाना पर पहुंची। यहां पर लोगों ने थाना त्रिमुहानी पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस बात की नाराजगी व्यक्त करने लगे कि जवान को शोक व्यक्त करने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दरवाजा पर नहीं आए। थानाध्यक्ष वसीम अहमद ने लोगों को समझाया-बुझाया। इस पर करीब 20 मिनट बाद लोग पार्थिव शरीर को वाहन पर रख श्मशान घाट के लिए रवाना हुए। यात्रा में शामिल लोग विनोद खरवार अमर रहे, भारत माता की जय आदि नारे लगाते चल रहे थे। मृत जवान के पिता की तबियत खराब है। वह एम्बुलेंस से घाट पर पहुंचे और बेटे का अंतिम दर्शन किया। सैदपुर लोगों ने नम आंखों से जवान के अंतिम विदाई दी। मुखाग्नि बड़े भाई रामप्रकाश राजभर ने दी। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में विधायक डा. वीरेंद्र यादव, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर, तहसीलदार मुकेश सिंह, बिरनो प्रमुख प्रवीण यादव, विजय यादव, कुंवर रमेश सिंह, अनिल यादव, प्रदीप सिंह, आकाश राजभर, गोलू सिंह, अखिलेश यादव, अभय सिंह, मुरली यादव, पारस यादव, विनोद पटेल सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।