गाजीपुर। जनपद में इन दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ाव पर है। मंगलवार को जलस्तर 10 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। दो सप्ताह में गंगा के जलस्तर में चार मीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे तटवर्ती इलाकों के लोगों में बेचैनी है। उधर, जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।
जिला प्रशासन की ओर से गंगा की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रतिदिन की हर घंटे की रिपोर्ट केंद्रीय जल आयोग से ली जा रही है। रेवतीपुर में एक प्लाटून पीएसी अभी से आ चुकी है। इसका कारण यह है कि जनपद में बाढ़ का पानी सबसे पहले रेवतीपुर क्षेत्र में प्रवेश करता है। यह निचला क्षेत्र माना जाता है। इसलिए गंगा का पाट भर जाने के बाद काफी तेजी से इस इलाके में बाढ़ का पानी पसरता है। वहीं केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सुबह नौ बजे गंगा का जलस्तर 54.620 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही गंगा में बढ़ाव 10 सेमी प्रति घंटे था। इसी तरह शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 55.430 मीटर दर्ज किया गया। शाम को भी गंगा का जलस्तर 10 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। तीन जुलाई से जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। बीते तीन और चार जुलाई को गंगा का जलस्तर एक-एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। तीन जुलाई को शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 51.560 मीटर दर्ज किया गया था। लगभग दो सप्ताह में गंगा के जलस्तर में करीब चार मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। बीते सोमवार को सुबह नौ बजे गंगा का जलस्तर 53.610 मीटर दर्ज किया गया था। जबकि बढ़ाव सात सेमी प्रति घंटे था। वहीं खतरे का बिंदु 63.105 मीटर है। इस संबंध में केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी मेराजुद्दीन ने बताया कि 10 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा बढ़ रही है।
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रेवतीपुर के इन क्षेत्रों में तेजी से पसरता है बाढ़ का पानी
गाजीपुर। जिला मुख्यालय से गंगा पार स्थित रेवतीपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बाढ़ का पानी काफी तेजी से पसरता है। वर्ष 2022 में बाढ़ से रेवतीपुर क्षेत्र में तबाही हुई थी। अठहठा गांव के पास बाढ़ के पानी में नाव डूबने के कारण नौ लोगों की मौत हो गई थी। रेवतीपुर क्षेत्र के नगदीलपुर, हसनपुरा, वीरउपुर, अठहठा, नसीरपुर, रामपुर, नरायणपुर, यादव का पुरा आदि गांव बाढ़ग्रस्त की श्रेणी में आते हैं।
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मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के कटान प्रभावित गांव
गाजीपुर। जनपद के रेवतीपुर क्षेत्र में जहां तेजी से बाढ़ का पानी पसरता है तो दूसरी तरफ मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ आने पर कटान झेलते हैं। कटान के कारण इन गांवों में रिहायशी और कृषि योग्य भूमि गंगा में समा जाती है। इनमें शेरपुर और सेमरा विशेष रूप से शामिल है। बच्छल का पुरा में भी कटान देखने को मिलती है। जबकि फिरोजपुर, चक तरफिया, तिवारीपुर, सुल्तानपुर, हरिहरपुर, गौसपुर आदि गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं।