बहुउद्देशीय जल परियोजना के तहत गंगा परिवहन योजना में बुधवार को चिनार कंपनी के स्थानीय प्रोजेक्ट मैनेजर (ड्रेजिंग) जेपी नौटियाल के निर्देशन में पूजा-पाठ के बाद कार्य प्रारंभ हुआ।
कार्य के पहले चरण में ड्रेजिंग मशीन से प्लेटफार्म पैंटून और पावर शिप को गंगा किनारे किया गया। परियोजना के सह प्रबंधक (स्थानीय) राघवेंद्र दुबे ने बताया कि गंगा में यातायात (परिवहन) के लिए पश्चिम बंगाल के हलदिया से इलाहाबाद (1620 किमी) का चयन हुआ है,
लेकिन नदी में कम पानी होने के कारण जलयानों का आवागमन संभव नहीं है। इसको देखते हुए परियोजना के प्रथम चरण में सुचारु आवागमन के लिए गंगा में विभिन्न जगहों पर हार्ड स्टेटा (चंचरी कंकड़) तोड़े जाएंगे।
अंतरदेशीय जल मार्ग प्राधिकरण ने चिनार ड्रेजिंग एवं इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को खुदाई और जल मार्ग बनाने का कार्य सौंपा है। गंगा-गोमती के संगम स्थल से गाजीपुर तक हार्ड स्टेटा की बहुलता है।
चकेरी, सैदपुर और जमानिया के पास हजार से पंद्रह सौ मीटर चंचरी क्षेत्र है। परियोजना के डीजीएम जेपी नौटियाल ने कहा कि जौहरगंज को उपकरण लाने, ले जाने के लिए सेंटर बनाया गया है।
डेढ़ से दो सौ कर्मचारियों की यह यूनिट 11 से 25 मई के बीच कार्य प्रारंभ कर देगी। इसमें गंगा के प्रवाह क्षेत्र में ड्रेजिंग कर पथरीली मिट्टियों और चट्टानों को दोनों किनारों पर लाया जाएगा।
पहले चरण में मशीनें नदी में स्थापित की जानी हैं। साइड इंचार्ज गोविंद मिश्र, ड्रेजिंग मास्टर (फ्लड) राजेश प्रसाद और ड्रेजिंग मास्टर (सिस्टम) अजय कुमार ने बताया कि यह क्षेत्र परियोजना का सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। गंगा-गोमती का संगम स्थल और प्रवाही क्षेत्र सिल्ट चट्टानों की रचना करता है।