लंबी जद्दोजहद के बाद एक बार फिर लहुरीकाशी में सेना भर्ती मेला की तस्वीर साफ हो गई। शुक्रवार को जिला प्रशासन और क्षेत्रीय भर्ती बोर्ड वाराणसी के निदेशक कर्नल विनीत प्रभात के साथ कलेक्ट्रेट के एनआईसी में हुई बैठक में 13 से 18 फरवरी तक सेना भर्ती का कार्यक्रम तय कर दिया गया। यह सेना भर्ती पूर्व की तरह पीजी कालेज के मैदान पर होगी। छह दिनों तक चलने वाली इस भर्ती में पूर्वांचल के 12 जिलों को शामिल किया गया है, जिसमें गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर, बलिया, गोरखपुर, मिर्जापुर, मऊ, चंदौली, देवरिया, आजमगढ़, सोनभद्र तथा भदोही को शामिल किया गया है। अंतिम दिन 18 फरवरी को मिर्जापुर की भर्ती होगी। इसी दिन वाराणसी, मऊ, देवरिया, भदोही, सोनभद्र, चंदौली तथा आजमगढ़ के युवकों के लिए सिर्फ सैनिक तकनीकी नर्सिगिं सहायक/ वेटरनरी पद पर ही भर्ती होगी।
जिले में सेना भर्ती का यह तीसरा मौका है। इससे पहले यहां पर दो बार सेना भर्ती सकुशल संपन्न हो चुकी है। इस बार भर्ती को लेकर जो कवायद शुरू हुई, वह फाइनल नहीं हो सकी। इसलिए बीते नंबवर माह में भर्ती नहीं हो सकी। शुक्रवार को क्षेत्रीय भर्ती बोर्ड वाराणसी के कर्नल विनीत प्रभात यहां पहुंचे। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह पटेल, एसपी डा. उमेश चंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में सेना भर्ती के लिए बैठक शुरू हुई। कर्नल की ओर से जिलाधिकारी को सेना भर्ती का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद सेना भर्ती के लिए गोराबाजार स्थित पीजी कालेज के ही मैदान को चुना गया। साथ ही सेना भर्ती मेला 13 से 18 फरवरी तक आयोजित करने का कार्यक्रम तय कर दिया। पूर्व में भी दो बार हुई सेना भर्ती पीजी कालेज के ही मैदान में आयोजित की गई थी। कर्नल ने बताया कि जिला पुलिस प्रशासन से सेना भर्ती की अनुमति प्राप्त हो गई है और भर्ती प्रक्रिया के लिए सभी कार्यक्रम तय कर दिए गए हैं। कड़ी सुरक्षा और सुचिता के बीच यह सेना भर्ती संपन्न कराई जाएगी। पीजी कालेज के मैदान में सीसी कैमरे की जद में समस्त भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। दलालों पर शिकंजा कसने के लिए खुफिया अफसर भी पैनी नजर रखेंगे। बैठक में डीएम, कर्नल, एसपी के साथ ही एडीएम मुरलीधर मिश्र, सेना के मेडिकल आफीसर मेजर बीके ब्रह्माख् सेना के नायब सूबेदार चंदर, सीएमओ डा.एमपी सिंह, सदर एसडीएम एके सिंह, सीओ सिटी कमल किशोर मौजूद थे।