स्वतंत्रता सेनानी पंडित विश्वनाथ शर्मा की 54 वीं पुण्य तिथि शनिवार को शहर के लंका मैदान स्थित मैरेज हाल मनाई गई। इस अवसर पर सेनानी के पुत्र विश्वविमोहन शर्मा की पुस्तक गांधी युग में गाजीपुर का विमोचन किया गया। मुख्य
अतिथि पंचायती राजमंत्री कैलाश यादव ने स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्घांजलि अर्पित की।
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में गाजीपुर और बलिया का नाम सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि हम एक
ऐसे भारत का निर्माण करें जहां न कोई जाति बंधन न ही धर्म का बंधन हो। यह संकल्प स्वतंत्रता सेनानी के पुण्य तिथि पर सच्ची श्रद्घांजलि होगी। साथ ही एक समता मूलक समाज की स्थापना करने का भी संकल्प लेना चाहिए जिससे सबको
शिक्षा, सबको घर एवं सबको रोजगार मिल सके, यही शर्मा जी के प्रति श्रद्घांजलि होगी। कांग्रेस नेता दीनानाथ शास्त्री ने शर्मा जी के जीवन चरित्र को याद करते हुए उनके साथ बिताए गये पलों की चर्चा की। अहमद जमाल जैदी ने कहा कि
पंड़ित विश्वनाथ शर्मा जातिवाद, भ्रष्टाचार और समाज में व्याप्त अनेक बुराइयों से जीवन भर लड़ते रहे। पुस्तक के माध्यम से मालूम हुआ कि गाजीपुर में कितने लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय शंकर राय ने
कहा कि इतिहास कभी नहीं बदलता। उन्होंने 1857 के क्रांति का जिक्र करते हुए संग्राम में योगदान पर प्रकाश डाला। रविकांत राय ने कहा कि आज की राजनीति दिशाहीन हो चुकी है। इस मौके पर सच्चिदानंद राय, डा.पीएन सिंह, डा.
मारकंडेय सिंह, रमाशंकर राय, डा. नंद कुमार राय, प्रोफेसर शिवशंकर यादव, डा. महेंद्र राय, चेयरमैन विनोद अग्रवाल आदि ने सव्तंत्रता सेनानी के जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर वीरबहादुर सिंह, विनोद सिंह, ओमकार सिंह, पारस
राय, मिथलेश, सुरेंद्र सिंह, लल्न सिंह,सरजू यादव, गिरीश राय, शिवशंकर यादव, अरुण यादव, संजय यादव, अशोक राय, बल्लन राय, चुनमुन राय, राधेश्याम, आमिर अली, कन्हैया विश्वकर्मा, अखिलेश सिंह, नागेश सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद
रहे। संचालन पूर्व प्रवक्ता डा. व्यासमुनी राय ने किया। अंत में कार्यक्रम के आयोजक विश्वविमोहन शर्मा ने सबके प्रति अभार प्रकट किया।