गाजीपुर। सामग्री भुगतान के मामले में फर्में अब ग्राम पंचायतों के माध्यम से फर्जी भुगतान नहीं करा पाएंगी। वजह, पंचायती राज विभाग व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अब ग्राम पंचायतों का जीएसटी विभाग में पंजीयन करा रहा है। साथ ही ग्राम पंचायतों को जीएसटीएन नंबर आवंटित किया जाएगा। अब तक करीब 700 ग्राम पंचायतों का जीएसटी विभाग में पंजीयन किया जा चुका है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद फर्मों को सामग्री खरीद के भुगतान के समय ही जीएसटी की कटौती करनी होगी। फर्जी फर्मों की ओर से भुगतान कराने की कोशिशों पर रोक लगेगी। ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर मनमाने ढंग से कोई फर्म बिल व बाउचर अपलोड नहीं कर सकेगी। वहीं, सरकार को भी जीएसटी के रूप में राजस्व मिलेगा। जनपद में कुल 1238 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायतीराज विभाग जीएसटी विभाग से समन्वय बैठाकर चरणबद्ध तरीके से सभी ग्राम पंचायतों का पंजीयन कराएगा। पंजीयन के साथ ही ग्राम पंचायतों को जीएसटीएन नंबर आवंटित किया जाएगा। विभाग का दावा है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों का जीएसटी विभाग में पंजीयन करा दिया जाएगा। प्रभारी डीपीआरओ रमेशचंद उपाध्याय ने बताया कि जीएसटी विभाग में ग्राम पंचायतों के पंजीयन से सरकार को राजस्व मिलेगा। साथ ही व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
शिविर लगाकर होगा पंजीयन-गाजीपुर। ग्राम पंचायतों के जीएसटी पंजीयन के लिए पंचायती राज व जीएसटी विभाग के समन्वय से शिविर लगाया जाएगा। जीएसटी विभाग में ग्राम पंचायतों के पंजीयन की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग की ओर से पंचायत सचिवों को दी गई है।