जमानिया। क्षेत्र के करमहरी गांव के 80 साल लाल किशुन को उनके चार बेटों ने बेघर कर दिया। पीड़ित बुजुर्ग ने एसपी डॉ. ईरज राजा से गुहार लगाई। उनका कहना है कि बेटे मुकदमा वापस लेने के लिए धमकी दे रहे हैं। ऐसा न करने पर गाली-गलौज और मारपीट कर रहे हैं। उनकी तहरीर पर पुलिस ने बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
करमहरी निवासी लाल किशुन ने तहरीर में बताया कि पत्नी के देहांत के बाद उनके चारों बेटों रमाशंकर, उमाशंकर, हरिशंकर और गौरीशंकर ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। वह बेटे हरिशंकर के साथ रहते थे, जिसने उनकी जीवन भर की जमापूंजी हड़प ली।
पौने तीन साल पहले उसने मार पीटकर घर से बाहर निकाल दिया था। बाकी बेटों ने उनका साथ देने के बजाय सारा सामान घर से बाहर फेंक दिया। बुजुर्ग ने अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी।
इस मामले में कुटुंब न्यायालय गाजीपुर के प्रधान न्यायाधीश ने 26 अगस्त 2025 को एक आदेश पारित किया था। कोर्ट ने बुजुर्ग के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बेटों को आदेश दिया था कि वे अपने पिता को 4000 रुपये प्रति महीने गुजारा भत्ता और रहने के लिए घर में दो कमरे उपलब्ध कराएं।
इसके बाद चारों बेटे उन्हें प्रताड़ित करने लगे। बेटों ने धमकी दी कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो जान से मार देंगे। इसके बाद लाल किशुन एसपी से गुहार लगाई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामसजन नागर ने बताया कि बुजुर्ग की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। संवाद