क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में पांच दिन पूर्व एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पुलिस ने शुक्रवार की रात अवथहीं गांव के बाहर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शव को गंगा घाट तक ले जाने में प्रयुक्त वाहन भी बरामद कर लिया। पुलिस अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
बीते 20 दिसंबर की रात जगदीशपुर गांव निवासी गुड्डून देवी (28) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इधर मायके पक्ष के लोगों को सूचना देने के साथ ससुरालियों ने शव को वीरपुर गंगा घाट में जल प्रवाह कर दिया था। महिला के पिता सुरेंद्र सिंह पुत्री का शव घर पर न देखकर पूछताछ की तो ससुरालियों ने उन्हें इलाज कराने का हवाला देकर घंटों बरगलाने का प्रयास किया था। जब मृतका के पिता थाने पहुंचे और घटना की जानकारी दी तो इधर सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने बीते 21 दिसंबर की सुबह वीरपुर घाट के पास गंगा में जाल डालकर महिला का शव बाहर निकाला था और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इस मामले में मृतका के पिता ने 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इधर आरोपियों को दबोचने के लिए उच्चाधिकारियों ने दो टीम गठित की थी, लेकिन संभावित ठिकानों पर दबिश डालने के बावजूद भी सफलता नहीं मिल रही थी। देर रात क्षेत्र में भ्रमण के दौरान थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने अवथहीं गांव के बाहर पूर्वांचल एक्सप्रेस- वे के पास घेराबंदी कर छानबीन शुरू कर दी। कुछ देर बाद आ रही एक चार पहिया वाहन को रोकवाया और उसमें बैठे सभी लोगों को हिरासत में लेकर थाने आई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि इसी वाहन से महिला का शव गंगा तक ले जाया गया था। नामजद आरोपी रामनाथ सिंह, प्रेमशंकर उर्फ उधम सिंह, कृष्ण शर्मा, प्रेमशंकर उर्फ भोला सिंह निवासी जगदीशपुर को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने सभी का चालान कर दिया। साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह ने बताया कि चारों नामजद आरोपियों का चालान कर दिया गया है। जल्द ही शेष आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।