दुल्लहपुर/गाजीपुर। एमपी-एमएलए कोर्ट/अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह की अदालत ने वर्ष 2013 के बहुचर्चित हंसराजपुर पुलिस चौकी में तोड़फोड़ और दुल्लहपुर थानाध्यक्ष की गाड़ी फूंकने के मामले में बसपा के पूर्व विधायक विजय कुमार और सीपीएम नेता विजय बहादुर सिंह सहित 63 लोगों को आरोप मुक्त कर दिया।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 2013 में जंगीपुर थाना क्षेत्र के उसर पुर गांव के घनश्याम राम को पुलिस ने हिरासत में लिया था। एक दिन बाद ही पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हो गई थी। गुस्साए लोगों ने नसीरपुर चौराहे पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया और तत्कालीन थानाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे थे। प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र हो गई और भीड़ ने हंसराजपुर पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की। दुल्लहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष की सरकारी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने बसपा पूर्व विधायक विजय कुमार, सीपीएम नेता विजय बहादुर सिंह सहित 29 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस की विवेचना के बाद 63 लोगों का मामला कोर्ट में विचाराधीन था। सीपीएम नेता विजय बहादुर सिंह ने कहा कि न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आज आखिरकार न्याय की जीत हुई है।