राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम
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जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ उठा रहे अपात्रों की अब खैर नहीं। ऐसे लोगों के खिलाफ जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। पूर्ति निरीक्षकों तथा लेखपालों की संयुक्त टीम ने चार विकास खंडों के चार गांवों की जांच में 206 अपात्र लोगों को लाभार्थी पात्र गृहस्थी योजना के तहत लाभ लेते हुए पाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 75 ऐसे भी हैं, जो सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। इन अपात्रों को आरसी जारी करने के साथ ही इनसे वसूली की भी कार्रवाई की जा रही हैै। जांच के बाद जिलाधिकारी ने फिलहाल अपात्रों पर ही मुकदमा दर्ज कराने तथा उनसे रिकवरी करने का आदेश दिया है।
जनपद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभार्थी पात्र गृहस्थी योजना के तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया जाता है। सिर्फ केवल चार विकास खंडों की जांच पर एक नजर डालें तो विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
बाराचवर विकासखंड के ग्रामसभा बद्दोपुर में कुल 673 लाभार्थी पात्र गृहस्थी योजना के लिए चयनित हैं। संयुक्त जांच में 61 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। जिसमें 21 लाभार्थी राज्य-केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में नौकरी कर रहे हैं। जखनिया ब्लाक के नसरतपुर धीरजी गांव जांच के बाद 488 लाभार्थी पात्र गृहस्थी योजना में चयनित हैं। पूर्ति निरीक्षकों एवं लेखपालों की संयुक्त टीम की जांच में 49 लाभार्थी अपात्र पाए गए। जबकि 73 लाभार्थियों के बारे में जांच के समय कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।
इसी क्रम में भांवरकोल ब्लाक के ग्रामसभा चांदपुर में पात्र गृहस्थी योजना में चयनित 394 लाभार्थियों में से 56 लाभार्थी अपात्र मिले। इसके अलावा रेवतीपुर ब्लॉक के ग्रामसभा पकड़ी में 367 पात्र लाभार्थियों में से 40 लाभार्थी टीम की संयुक्त जांच में अपात्र पाए गए।