जिलाधिकारी संजय खत्री के सख्त तेवर के बाद हरकत में आए सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने क्षेत्र के सुगवलियां गांव के पास टूटी माइनर की शुक्रवार को जांच की। जिस कारण दर्जनों किसानों के खेतों में पानी घुसा था। पीड़ित किसानों ने मुआवजा की मांग जिलाधिकारी से की है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जलमग्न हुई फसल एवं नुकसान के बाबत पीड़ितों से जानकारी हासिल की है।
मालूम हो कि बीते दिनों अंधियारा बडौरा माइनर में पानी छोड़ा गया था। सुगवलिया गांव के पास माइनर के टूटने की वजह से किसान नागेंद्र यादव, वीरेंद्र यादव, चंद्रशेखर, रामविलास, रामप्यारे, नंदलाल कुशवाहा, भूकेन राम, झूलल्न राम, हरिनाथ रामबचन, गोरखनाथ, शेषनाथ, सीताराम, लल्लन राजभर, मनन्न यादव पूर्व प्रधान, जितेंद्र, लोकनाथ, रविंद्र यादव आदि किसानों की 20 बीघा खड़ी फसल गेंहू, मटर, मसूर, सरसों, गन्ना बरसीम सहित अन्य फसलें पूरी तरह से जलमग्न होकर खराब हो गई थी।
किसानों ने बताया कि हम लोग एसडीएम जमानिया, विभागीय आलाधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं। सुगवलिया गांव के पास माइनर टूटे होने की वजह से नहर में पानी छोड़े जाने के दौरान पानी खेतों में चला जाता है। बावजूद इस समस्या का समाधान आज तक नहीं किया गया। टूटी माइनर में पानी छोड़े जाने से किसानों की फसल बर्बाद होने का मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आने पर सिंचाई विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को तलब करते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट शुक्रवार की देर शाम तक देने का निर्देश दिया है। इस प्रकरण की जांच के लिए उन्होंने सहायक अभियंता के नेतृत्व में चार सदस्यीय की टीम गठित की।
शुक्रवार को सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनवार अहमद कर्मचारियों के साथ सुगवलिया गांव में पहुंचे और टूटे माइनर की जांच की। बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर टूटी माइनर की जांच करने के साथ ही नुकसान हुए फसलों का आंकलन करने के लिए आए है। टूटी माइनर को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश अधीनस्थ कर्मचारियों को दे दिया गया है।