गाजीपुर। कोहरे व ठंड के मौसम को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से तैयारी कर ली गई है। वाराणसी-छपरा रेलखंड पर संचालित होने वाली ट्रेनों के इंजन में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाई गई है। इससे कोहरे में ट्रेनों की स्पीड पर प्रभाव नहीं डाल पाएगा। साथ ही कोहरे के कारण होने वाले हादसों पर भी विराम लगेगा। ठंड व कोहरे के कारण अक्सर ट्रेनें लेटलतीफी की शिकार होती हैं। साथ ही कई बार कोहरे के कारण ट्रेन हादसों की संभावना बनी रहती है। लेकिन, इस बार कोहरे के मौसम में ऐसा नहीं होगा। कोहरा शुरू होने से पहले ही पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से सभी ट्रेनों के इंजन में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगा दिया गया है। इनमें एक्सप्रेस, पैसेंजर व मालगाड़ी शामिल हैं। वाराणसी-छपरा रेलखंड पर कुल 120 ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें 80 एक्सप्रेस, 20 पैसेंजर व 20 मालगाड़ी शामिल हैं। इस रेलखंड पर प्रतिदिन औसतन 15 हजार यात्री सफर करते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक कपिलदेव शर्मा के अनुसार अभी सुबह हल्की धुंध हो रही। अगले महीने से वातावरण में घना कोहरा छाने की संभावना है।
ये है फॉग सेफ्टी डिवाइस : फॉग सेफ्टी डिवाइस जीपीएस आधारित यंत्र है। यह ट्रेन के लोको पायलट को घने कोहरे में ट्रेन चलाने में सहायता करता है। डिवाइस बैट्री से संचालित होती है। इसको ट्रेन के इंजन में रखा जाता है। इसमें एक मेमोरी चिप लगी होती है, जिसमें रेलवे का रूट तय होता है। सबसे बड़ा फायदा ये है कि फॉग सेफ्टी डिवाइस लोको पायलट को सिग्नल, लेवल क्राॅसिंग गेट, न्यूट्रल सेक्शन जैसे स्थानों के बारे में जानकारी देता है। लोको पायलट को आगे की स्थिति के बारे में जानकारी देने के लिए ध्वनि आधारित संकेत होता है। डिवाइस में एक वायर वाला एंटीना होता है जो सिग्नल को रिसीव करने के लिए लगाया जाता है।
वाराणसी-छपरा रेलखंड पर संचालित होने वाली सभी ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगा दी गई है। यह यंत्र ट्रेनों के इंजन में लगाया जाता है। इसके लग जाने से ट्रेनों के निर्बाध संचालन में सहूलियत मिलेगी। -अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल
शीतलहर को लेकर एडवायजरी जारी : गाजीपुर। शीतलहर व घने कोहरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से एडवायजरी जारी की गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दिनेश कुमार ने कहा कि ज्यादा ठंड व शीतलहर होने पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रखें। बहुत जरूरी होने पर घर से बाहर निकले। उन्होंने कहा कि दैनिक समाचार-पत्र, टीवी, मोबाइल के जरिए मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहिए। शरीर को सूखा रखें। गीले कपड़े पहनने से बचे। मिट्टी का तेल, कोयले की अंगीठी, हीटर आदि का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। संवाद