हाड़ कंपा देने वाली रविवार की ठंड से लोग बेहाल हो उठे। कोहरे और गलन ने जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। कड़कड़ाती ठंड से लोग ठिठुरते रहे। किसी तरह अलाव ताप कर लोग अपने को गरम करते रहे। हालांकि दोपहर तक हल्की धूप निकली लेकिन कोहरे के चलते लोग उस धूप से सुकून हासिल नहीं कर सके।
सुबह एक तरफ जहां घने कोहरे की बीच वाहनों की रफ्तार पूरी तरह से धीमी रही, वहीं गलन के बीच पूरी जिला जमा रहा। घरों के बाहर की कौन कहे, कमरे के अंदर बंद खिड़की और दरवाजों भेदती हुई गलन लोगों की अपनी ताकत का एहसास कराती रही। ठंड की सबसे ज्यादा मार उन आम लोगों पर पड़ी, जिन्हें रोज मेहनत कर घर का चूल्हा जलाना है। उन्हें कंपकपी के बीच रोटी की व्यवस्था करने को विवश होना पड़ा।