घने कोहरे के बीच ठंड नेे भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार की रात छाए घने कोहरे का असर बुधवार को भी दिखा। सुबह के वक्त नजदीक की ही वस्तु भी साफ नजर नहीं आ रही थी। रोड पर अधिकांश वाहन लाइट जलाकर रेंगते नजर आए। स्कूल जाने वाले बच्चे कोहरे के बीच ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंचे। कोहरे के साथ ठंड में इजाफा होने से दो वक्त की रोटी के जद्दोजहद करने वाले मजदूर तथा गरीब तबके के लोग अभी से चिंतित नजर आ रहे हैं।
नवंबर माह के पहले सप्ताह से ठंड ने दस्तक दे दी है। इसका असर 25 नवंबर के बाद तेजी से महसूस होनेे लगा है। पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज बदला है। पिछले तीन दिनों से रात में ही कोहरे की चादर तननी शुरू हो जा रही है, जो दूसरे दिन सुबह नौ बजे तक अपना प्रभाव छोड़ रही है। बुधवार को कोहरे के कारण लोग घरों में दुबके हुए थे।
धुंध के कारण लोगों को पास की वस्तुएं भी नहीं दिखाई दे रही थी। कोहरा छंटने तक अधिकांश वाहन चालक लाइट जलाकर चल रहे थे। चालकों को वाहन चलाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। उन्हें दिन में भी लाइट जलाकर ंचलना पड़ा। जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। उधर स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं गर्म कपड़ों में लिपटे होने के बाद भी ठिठुरते रहे। शहर की अपेक्षा देहात क्षेत्रों में कोहरे असर ज्यादा था। कुल मिलाकर कोहरे के साथ ही ठंड का प्रभाव बढ़ने लगा है। जैसे-जैसे समय बढ़ेगा, कोहरा और ठंड में भी वृद्धि होगी।