रेस्क्यू ऑपरेशन के समय पुलिस टीम।
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लोकेशन मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू की योजना बनाई। अभियान में फ्लड कंपनी पीएसी, पुलिस टीम, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नाविकों को लगाया गया। बढ़ते पानी और अंधेरे के बीच बचाव कार्य शुरू किया गया। नदी की तेज धारा और टापू की स्थिति के कारण रेस्क्यू टीम के सामने लगातार चुनौती बनी रही।
करीब छह घंटे तक चले अभियान के बाद एक-एक कर सभी 12 चरवाहों और उनकी भेड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि अभियान के दौरान किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बड़ा हादसा टल गया। रात में नाइट विजन ड्रोन का इस्तेमाल रेस्क्यू अभियान में खासा मददगार साबित हुआ।