आग देखकर मीना देवी और रेखा बाहर निकल गईं। वहीं, आंगन में मौजूद सुंदरम और विशाल घबरा गए और जान बचाने के लिए पास के कमरे में जाकर पटनी पर चढ़ गए। आग कमरे तक पहुंची तो वहां खड़ी बाइक की पेट्रोल टंकी तेज धमाके के साथ फट गई। धमाका इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर खंडहर में तब्दील हो गया। पटनी पर छिपे दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही तहसीलदार राम नारायण वर्मा समेत स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटना की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।