अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय दुर्गेश की अदालत ने शुक्रवार को गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता पुत्र सहित छह लोगो को पांच साल की कड़ी कैद और प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि से 90 प्रतिशत धनराशि मृतक सियाराम यादव की पत्नी लालमनी देवी को देने का आदेश न्यायालय ने दिया है।
अभियोजन के अनुसार थाना खानपुर के तुलसीपुर निवासी जवाहिर सिंह यादव ने बीते आठ जून 2014 को पुलिस को तहरीर दिया कि उसके चाचा सियाराम यादव घर से कुछ दूरी पर स्थित करीब चार विस्वा जमीन पर फसल बोये थे। उक्त फसल को छपरा बस्ती के आरोपी अमित, आशीष कुमार, मुसाफिर, विनोद, सुशील, प्रदीप, अशोक, संगीता और इमरती देवी अपने जानवरों से चरा रहे थे। चाचा सियाराम यादव जानवरों को भगाने लगे तो उपरोक्त आरोपियों ने चाचा को घेरकर लाठी डंडे और लात घुसों से मारना शुरू कर दिया। वह गिर गए तथा सभी आरोपी मेरे चाचा के गुप्तांग पर हमला कर चोट पहुंचाई, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और विवेचना उपरांत आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने कुल आठ गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने न्यायालय में बयान देते हुए घटना का समर्थन किया।अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी अमित कुमार, आशीष और सुशील को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वही मुसाफिर और उसके पुत्र विनोद, पुत्री संगीता, पत्नी इमरती देवी, प्रदीप और अशोक को उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।