स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर करीब पांच वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बना शौचालय बेमतलब साबित हो रहा है। वजह आज तक उसमें पानी की सप्लाई ही नहीं हो सकी है। शौचालय के दरवाजे टूट गए हैं। इससे महिला यात्रियों को परेशानी हो रही है।
स्थानीय स्टेशन को उच्चीकृत करने के साथ यात्री सुविधाओं को लेकर काफी कार्य कराए गए, लेकिन रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही से यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थापित शौचालय उपयोग योग्य नहीं रह गया है। स्थिति तो यह है कि शौचालय के छत पर टंकी तो लगी है, लेकिन पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहीं नहीं शौचालय के दरवाजे भी टूटे पड़े हुए हैं। ऐसे में यहां से यात्रा शुरू करने और यहां ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को शौच को लेकर काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। खासकर महिला यात्रियों के समाने मुश्किल खड़ी हो जाती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि कई बार यात्रियों द्वारा शौचालय को दुरुस्त कराने और पानी टंकी से पाइप लाइन में पानी के संचालन को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। क्षेत्रीय लोगों ने रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पानी की व्यवस्था करने की मांग की है।