अब जिला जेल प्रशासन की देखरेख में बच्चियों को स्कूल भेजा जा रहा है। जेलर शेषनाथ यादव और डिप्टी जेलर राजेश कुमार ने बताया कि निर्धारित औपचारिकता के बाद दूसरे बच्चों का दाखिला भी कराया जाएगा। पढ़ाई का खास महत्व है।
गाजीपुर जिला जेल के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी सजायाफ्ता कैदी की बच्चियों को पढ़ने के लिए बाहर कॉन्वेंट स्कूल में भेजा गया है। इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा। - जगदंबा प्रसाद दूबे, जेल अधीक्षक
टिफिन में पराठा से गुझिया तक
बच्चियां पहले दिन स्कूल जाकर खुश दिखीं। हालांकि दोनों बच्चों की सुविधा और सुरक्षा का जेल प्रशासन विशेष ध्यान दे रहा है। टिफिन में खाने के लिए पराठा, सब्जी, गुझिया, बिस्किट, चॉकलेट और थर्मस में आरओ का पानी दिया गया। पढ़ाई के दौरान सामान्य बच्चों की तरह खेली-कूदीं भी।