गाजीपुर। लॉकडाउन के कारण उत्पन्न परिस्थिति में किसी भी कार्डधारक को अन्न के अभाव में परेशान न होना पड़े । इसके बावजूद शिकायतें मिली है कि कहीं-कहीं कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा और निर्धारित मूल्य पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने में कोताही बरती जा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेंदु ने बताया कि ग्रामसभा-इब्राहिमपुर के उचित दर विक्रेता की ओर से कोविड-19 में वितरण में जानबूझकर असहयोग किया गया। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत वितरित होने वाला नि:शुल्क चावल एवं चना की उठान न कर मेडिकल प्रमाण पत्र देकर कार्डधारकों का हित प्रभावित किया गया। इस पर विक्रेता की दुकान का अनुबंध पत्र निलंबित कर दिया गया।
निलंबित विक्रेता द्वारा संबद्ध विक्रेता को अपनी दुकान का अवशेष गेहूं 12.37 कुंतल, चावल 12.28 कुंतल न दिए जाने पर इसकी जांच पूर्ति निरीक्षक जखनिया से कराई गई। इसमें विक्रेता की दुकान में खाद्यान्न की कोई मात्रा अवशेष नहीं पाई गई, जिससे स्पष्ट पाया गया कि विक्रेता द्वारा उपर्युक्त खाद्यान्न को कालाबाजारी में बेच दिया गया। डीएसओ ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की जांच में कालाबाजारी पाए जाने पर जिलाधिकारी से अनुमति लेकर उचित दर विक्रेता ग्रामसभा इब्राहिमपुर पर थाना भुड़कुड़ा में पूर्ति निरीक्षक द्वारा धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि चार अप्रैल से चलाए गए विशेष जांच अभियान के अंतर्गत अब तक स्टाक में कमियां और खाद्यान्न का दुरुपयोग एवं कालाबाजारी पाए जाने पर 22 उचित दर विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उनके अनुबंध पत्र निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त छह उचित दर विक्रेताओं के वितरण में अनियमितता पाए जाने पर उनकी दुकान का अनुबंध पत्र निलंबित किया गया है।