क्षेत्र के नेवादा, असावर सहित अन्य साधन सहकारी समितियों से उर्वरक नहीं मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आलू, मटर और गेहूं समेत रबी की फसलों की बोआई के लिए डीएपी न मिलने से बोआई प्रभावित हो रही है। किसान एक केंद्र से दूसरे केंद्र भटक रहे हैं। समितियों में ताला बंद होने से किसानों को मायूस लौटना पड़ रहा है।
बाराचवंर विकास खंड के नेवादा, असावर, उतरांव, ऊंचाडीह सहकारी समितियों में डीएपी नहीं है। किसान मुन्ना पांडेय, लालजी, केदारनाथ, उमाशंकर राय ने बताया कि इन दिनों आलू, गेहूं और मटर की बोआई करने के लिए किसान अपने खेतों की जुताई शुरू कर दिए हैं। बोआई के लिए साधन सहकारी समितियों पर अब तक खाद नहीं आने से किसानों की बुआई पिछड़ रही है। जबकि अधिकारियों को इसकी जानकारी है। बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई ने तो दो सौ रुपये अधिक खर्च कर बाजारों से खाद की खरीद कर खेती करनी शुरू कर दी है। सहकारी समितियों में खाद खत्म होने से निजी दुकानें और बाजारों से खाद की खरीद करने को यहां के किसान विवश हैं।