मौत से एक दिन पहले बहन से हुई थी बात
प्रियंका की बहन प्रीति ने बताया कि घटना से एक दिन पहले ही दीदी से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान प्रियंका काफी खुश थीं और उन्होंने किसी परेशानी या तकलीफ की बात नहीं बताई थी। मां प्रमिला यादव ने बताया कि पुलिस में ज्वाइनिंग के बाद प्रियंका दो बार घर आई थीं। परिवार के अनुसार वह आगे बड़े अफसर बनने की तैयारी भी कर रही थीं।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर परिवार के सवाल
पिता रविंद्र यादव के अनुसार घटना के बाद परिवार के सदस्य कौशांबी पहुंचे थे। वहां उन्हें लैपटॉप पर सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई। परिवार का कहना है कि फुटेज में प्रियंका दो महिलाओं से बातचीत करती हुई और कंधे पर राइफल लेकर जाती हुई दिखाई दे रही हैं, लेकिन गोली चलने की घटना सीसीटीवी में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। मां प्रमिला यादव ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी खुश थी और उसे किसी तरह की चिंता नहीं थी। परिवार ने यह सवाल भी उठाया कि उनके कौशांबी पहुंचने से पहले ही प्रियंका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पूर्व सैनिक मित्र ने भी जताया संदेह
अंतिम संस्कार में प्रियंका के पिता रविंद्र यादव के सेना के समय के मित्र पंधारी सिंह कुशवाहा भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि रविंद्र यादव सेना में उनसे वरिष्ठ थे और दोनों के बीच लंबे समय से अच्छी दोस्ती थी। पंधारी सिंह कुशवाहा ने राइफल से अचानक गोली चलने की घटना पर सवाल उठाते हुए तकनीकी और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक राइफल को कॉक नहीं किया जाएगा, गोली नहीं चल सकती और राइफल गिरने से कॉक नहीं हो सकती। ऐसे में राइफल से गोली चलने की परिस्थितियों की विशेषज्ञों से जांच जरूरी है।