मंजिल की राह के कांटे को जुनून और अथक परिश्रम से ही कुचला जा सकता है। इस कथन को चरितार्थ किया है सेवराई निवासी दिवाकर पासवान ने। दिवाकर (24) ने हाल ही में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) पटियाला सेंटर में आयोजित अखिल भारतीय अंतर साई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 और 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया है।
बेटे की इस स्वर्णिम सफलता के पीछे पिता का संघर्ष छिपा है। एथलीट बेटे के सपने को पूरा करने के लिए पिता वीरेंद्र पासमान ने गांव वालों से चंदा इकट्ठा कर बेटे के लिए जूते खरीदे। इसके बाद दिवाकर ने कोच चंद्रभान यादव, संजीव श्रीवास्तव और निर्मल कुमार शाही के निर्देशन में दौड़ना शुरू किया। दिवाकर वर्तमान में कोच जितेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में वाराणसी में अभ्यास कर रहे हैं।
दिवाकर की मेहनत रंग लाई और 2023 में उन्होंने स्कूल स्टेट, स्कूल नेशनल और जूनियर स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते। 2024 में उनके प्रदर्शन में और निखार आया। यूपी स्टेट अंडर-23 और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
उनका इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 47.20 सेकंड रहा, जो उन्हें विश्व स्तरीय धावकों की श्रेणी में ला सकता है। दिवाकर की सफलता से गांव में जश्न का माहौल है।
पिता की आंखों में खुशी के आंसू हैं। पिता वीरेंद्र पासवान ने कहा कि बेटा देश के लिए दौड़े और भारत का झंडा ओलंपिक में लहराए। यही सपना लेकर जी रहे हैं। सरकार और समाज आगे सहयोग करे तो दिवाकर निश्चित रूप से भारत को दौड़ की दुनिया में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता हैं। संवाद