गाजीपुर। पिज्जा, बर्गर, मैगी और चाउमीन जैसे फास्ट फूड का सेवन मोटापा, कोलेस्ट्रॉल व रक्तचाप बढ़ा रहा है। वहीं, बच्चों की शारीरिक वृद्धि और दिमाग पर गंभीर असर डाल रहा है।
सबसे ज्यादा बच्चों का लीवर प्रभावित हो रहा है, जिसका समय से इलाज न होने पर हालत गंभीर हो जा रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी 10-15 मरीज रोज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि फस्ट फूड के सेवन से शरीर पर तत्काल असर नहीं दिखता। पांच से दस साल बीतने के बाद इसके असर सामने आते हैं। कहा जाए, तो फास्ट फूड के लंबे समय तक सेवन से कई गंभीर बीमारियाें का खतरा बढ़ जाता है।
मोटापा बढ़ने के साथ ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत शुरू हो जाती है। कोलेस्ट्रॉल की मात्र बढ़ने से हृदयरोग की समस्या तेजी से आने लगती है। बताया कि 10 से 15 मरीज रोज आ रहे हैं।
बाल रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि छह वर्ष से 17 साल के बच्चों के लिए फास्ट फूड मनपसंद बन गया है। इससे उनका लीवर सबसे पहले प्रभावित होता है। इसके बाद शारीरिक वृद्धि और दिमाग पर पर असर सामने आता है। बच्चों का पढ़ाई-लिखाई से ध्यान हटता जा रहा है।