टिड्डियों के जमीन पर न उतरने से किसानों ने ली राहत की सांस
झुंड देख उड़ने लगी थी किसानों के चेहरे पर हवाइयां
गाजीपुर। पूर्वांचल के अन्य इलाकों में फसलों को तबाह करने के बाद टिड्डियों के दल ने बृहस्पतिवार को जिले में दस्तक दी। सैदपुर, जखनियां एवं सदर तहसील के विभिन्न गांवों और ब्लॉकों में टिड्डियों का झुंड देखा गया। हालांकि कृषि विभाग का दावा है कि अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है।
औड़िहार संवाददाता के अनुसार जमीन से पचास मीटर की ऊंचाई पर टिड्डियों का उड़ता एक दल सैदपुर क्षेत्र एवं उसके सीमावर्ती जिलों की सीमाओं पर देख किसानों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी। पहले तो एक बड़ी बला आता देख किसान परेशान हो उठे लेकिन देखते ही देखते टिड्डियों का उक्त दल पश्चिम से होता हुआ पूरब की ओर आगे निकल गया। टिड्डियों के जमीन पर न उतरने से किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों ने महसूस किया उनका खतरा टल गया अन्यथा टिड्डियों का दल जमीन पर उतरता तो किसानों का बड़ा नुकसान होता। अनौनी के पोखरा ग्राम पंचायत निवासी किसान नंदकुमार पाठक ने बताया कि जिस वेग से टिड्डियों का दल आसमान की ओर उड़ता दिखाई दिया, उसे देखकर मन में फसलों के नुकसान का भय समा गया लेकिन उसी वेग से उन्हें आंखों से ओझल होता देखकर क्षेत्र के किसानों ने राहत महसूस किया। किसान अरुण सिंह ने बताया कि पाकिस्तान से चली टिड्डियां देश के विभिन्न प्रांतों सहित उत्तर प्रदेश के पूर्वी औऱ पश्चिमी जिलों में बड़ा नुकसान किया है। इनके उतरने से भूमि अपनी उर्वरा शक्ति खो देती है। खानपुर के किसान अजय कुमार सिंह ने कहा कि टिड्डियां जब जमीन पर उतरती हैं तो वह फसलों के लिए उपयोगी जीवाणुओं को चट कर जाती है। इससे बड़ा नुकसान होता है। राजकुमार का कहना है कि अन्य जिलों में टिड्डियों के दल ने जिन खेतों में आक्रमण किया वहां सब्जी और अन्य फसलें यथा मक्का, लोबिया एवं मूंग की फसलें बर्बाद हो गई। टिड्डियों के चले जाने पर बहुतायत किसानों ने एक स्वर में कहा कि कोरोना संक्रमण से पूरी जनता त्रस्त है। ऐसे में अगर टिड्डियों का आक्रमण होता तो निश्चित रूप से यहां के किसान तबाही हो जाते। उनके चले जाने से बड़े नुकसान से किसान बच गया है। टिड्डियों का दल अब लौट कर न आए तो बहुत अच्छा होगा।
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