गाजीपुर। मगई नदी की बाढ़ से फसलों, मकानों और पशुधन को हुए नुकसान के मुआवजे समेत अन्य मांगों को लेकर किसान सात अक्तूबर को लखनऊ में विधानसभा मार्च करेंगे। मंगलवार को किसान सभा की प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव ने इसका एलान किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मगई और शारदा नदी में पानी छोड़े जाने से हर साल किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन सरकार इसे प्राकृतिक आपदा बताकर जिम्मेदारी से बच रही है। कहा कि सात अक्तूबर से पहले फसल क्षति के पर्याप्त मुआवजे और बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो किसान आंदोलन तेज करेंगे।
राजेंद्र यादव ने बताया कि किसानों के सवालों को लेकर छह सितंबर से शुरू हुई किसान यात्रा प्रयागराज, बांदा और चित्रकूट समेत कई जिलों से होते हुए 15 सितंबर को गाजीपुर पहुंचकर समाप्त हुई। किसानों ने गेहूं-धान का लाभकारी मूल्य सीटू 2 प्लस 50 प्रतिशत के आधार पर तय करने, आलू का मूल्य 1700 रुपये प्रति क्विंटल करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की मांग की। प्रेसवार्ता में जनार्दन राम, अमेरिका सिंह यादव, शशिकांत कुशवाहा, अशोक मिश्रा, राजदेव यादव समेत अन्य किसान नेता मौजूद रहे।