करंडा। चार महीने में तीन बार बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए मिल रहे लिखित आश्वासनों के बावजूद हालात नहीं सुधरे तो मंगलवार को ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। मैनपुर विद्युत उपकेंद्र से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने गाजीपुर-चोचकपुर मार्ग जाम कर दिया। सुबह करीब नौ बजे शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम करीब साढ़े पांच घंटे तक चला। अधिशासी अभियंता सुधाकर सिंह के 24 घंटे विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने और कम से कम 18 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर 2.30 बजे ग्रामीणों ने जाम खोला।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब चार महीने से मैनपुर समेत करंडा ब्लॉक के चोचकपुर, करंडा, नागाबाबा और मैनपुर विद्युत उपकेंद्रों से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति नहीं हो रही है। कभी 15 घंटे, कभी आठ घंटे तो कभी महज दो-तीन घंटे बिजली मिल रही है। आपूर्ति के दौरान भी लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है। प्रदर्शन में अंकुर कुमार सिंह अनुराग, जय प्रकाश सिंह, सूरज पाल सिंह, अनूप सिंह, विवेक सिंह, गोलू सिंह, बालेश्वर सिंह, राजू सिंह आदि मौजूद रहे।
शिकायत पर हर बार मेन लाइन की खराबी का हवाला
ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत करने पर हर बार जौहरगंज की मेन लाइन में खराबी का हवाला दिया जाता है। आरोप है कि उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारी भी मनमानी करते हैं। खासकर रात में बिजली आपूर्ति और खराब हो जाती है। इससे उमस और गर्मी में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि चार महीने के दौरान अलग-अलग उपकेंद्रों पर धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी के बाद अधिशासी अभियंता कई बार 18 घंटे बिजली देने का लिखित आश्वासन दे चुके हैं। इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बार-बार मिले आश्वासनों से परेशान होकर मंगलवार को उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
सड़क जाम की सूचना पर नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक रविंद्र गुप्ता पहुंचे। करंडा, रामपुर मांझा और शहर कोतवाली की पुलिस भी मौके पर रही। बाद में अधिशासी अभियंता सुधाकर सिंह ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि मैनपुर विद्युत उपकेंद्र से 24 घंटे विद्युत व्यवस्था उपलब्ध रखी जाएगी और कम से कम 18 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।
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चार महीने में तीन बार धरना, चौथी बार सड़क पर उतरे ग्रामीण
21 मई : मैनपुर विद्युत उपकेंद्र पर ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। करीब आठ घंटे बाद अधिशासी अभियंता ने 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का लिखित आश्वासन दिया।
28 जुलाई : नागाबाबा विद्युत उपकेंद्र पर खराब आपूर्ति के विरोध में धरना-प्रदर्शन के साथ तालाबंदी की गई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
5 अगस्त : चोचकपुर विद्युत उपकेंद्र पर करीब छह घंटे धरना-प्रदर्शन चला। उस समय भी अधिशासी अभियंता की ओर से 18 घंटे बिजली देने का लिखित आश्वासन दिया गया।
15 सितंबर : पिछले आश्वासनों के बावजूद आपूर्ति में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने गाजीपुर-चोचकपुर मार्ग जाम कर दिया। करीब साढ़े पांच घंटे बाद अधिशासी अभियंता सुधाकर सिंह के फिर लिखित आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
मैंने मौके पर जाकर निरीक्षण किया, आपूर्ति सामान्य करा दी गई है। पीछे से रोस्टिंग ज्यादा है, इसलिए समस्या हो रही है। जमानिया से लाइन बनकर आएगी। इसके लिए संबंधित ठेकेदार को अवगत करा दिया गया है।-सुधाकर सिंह, अधिशासी अभियंता, सैदपुर।
अघोषित बिजली कटौती से नाराज लोग मैनपुर में सड़क जाम करते-संवाद