भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने गुरुवार को मरदह क्षेत्र के टिसौरी गांव में खेतों में जाकर किसानों की बर्बाद हुई फसल का जायजा लिया। इस दौरान किसानों ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी किसानों की सुध लेने नहीं पहुंचा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि फसलों की क्षति की रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेजी जाएगी। ताकि पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता मिल सके।
प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि धरती पुत्रों की स्थिति दयनीय है। दैवीय आपदा से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। गेहूं की फसल में अब नाममात्र के दाने रह गए हैं। दलहन और तिलहन की फसलें नष्ट हो गई हैं। कहा कि भाजपा सरकार की ओर से 33 फीसदी फसलों के नुकसान पर आर्थिक सहायता मुहैया कराने का फैसला लिया गया है। लेकिन प्रदेश की सपा सरकार किसानों के प्रति बेपरवाह बनी हुई है।
कहा कि मार्च में तीन बार बारिश हुई। जबकि अप्रैल माह के शुरूआत में आंधी-पानी से किसानों को भारी क्षति हुई है। मौसम के इस कहर से किसानों की कमर टूट गई है। बावजूद इसके अब तक न तो प्रदेश सरकार का कोई मंत्री और न ही जिले के किसी अधिकारी, कानूनगो और लेखपाल ने गांवों में जाकर किसानों के खेतों का निरीक्षण कर रिपोर्ट दी। कहा कि केंद्र सरकार किसानों की समस्या को लेकर गंभीर है। सरकार की ओर से किसानों की क्षति का मुआयना कराया जा रहा है। सरकार पीड़ित किसानों को मुआवजा देगी। इससे पहले उन्होंने टिसौरी में आंधी और बारिश से तबाह हुए जगदीश सिंह, जयप्रकाश सिंह, चिंता, सुनील, चंद्रभान सिंह, धनंजय चौबे आदि किसानों से मिलकर उनकी पीड़ा जानी। इस मौके पर ग्राम प्रधान चिंता देवी, लाला राम, वेदप्रकाश पांडेय, योगेश सिंह आदि मौजूद थे।