थाना क्षेत्र के छपरा मंझरिया गांव में गुरुवार की दोपहर अचानक आग लगने से दस रिहायशी झोपड़ियां राख हो गईं जबकि आग में झुलसने से एक वृद्ध की मौत हो गई। इस घटना में आधा दर्जन मवेशी झुलस गए जबकि एक भैंस जल मरी। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।
छपरा मंझरिया गांव निवासी घनश्याम यादव की झोपड़ी में गुरुवार की दोपहर करीब दो बजे अचानक आग लग गई। अभी लोग कुछ सोच-समझ पाते कि आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक दस झोपड़ियां आग की चपेट में आ गईं। इस दौरान सूरज यादव (60) झोपड़ी में बंधे मवेशी को खोलने के लिए अंदर गया और आग की लपटों से घिर गया। आग में झुलसकर उसकी मौत हो गई।
इस घटना में घनश्याम, बृजेश, लालू यादव, रामदुलारी, सोमारु निषाद और राजकुमार यादव की कुल दस झोपड़ियां राख हो गई। आग से आधा दर्जन से अधिक मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए जबकि एक भैंस की झुलसने से मौत हो गई। भीषण आग से झोपड़ियों में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया है।
फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बाद ग्रामीण पंपिंगसेट और हैंडपंपों से आग बुझाने में जुट गए। बाद में पहुंचे फायर कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया। आग में अपना सबकुछ गंवा देने के बाद पीड़ितों के पास न तो पेट भरने के लिए अनाज बचा और न सर छिपाने के लिए छत। पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए गए। अगलगी की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष संतोष मिश्रा, छपरा के ग्राम प्रधान सुभाष यादव, रामपुर के ग्राम प्रधान राजेश यादव आदि मौके पर पहुंचे। उधर जमानिया कोतवाली के मदनपुरा गांव में शिवविलास तिवारी की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लगने से एक गाय और एक बछिया गंभीर रूप से झुलस गई।
दलित बस्ती की 19 झोपड़ियां राख
थाना क्षेत्र के रानीपुर दलित बस्ती में बृहस्पतिवार की सुबह चूल्हे की चिंगारी से धधकी आग में बस्ती की बीस रिहायशी झोपड़ियां जल गईं।
रानीपुर दलित बस्ती के लोग गुरुवार की सुबह खेतों में काम करने गए हुए थे। इसी दौरान चूल्हे की चिंगारी से भगवान राम की रिहायशी झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग की चपेट में आने से उसकी तीन अन्य झोपड़ियां भी जलने लगीं। हवा तेज होने के कारण आग की लपटें दूर तक उठने लगीं। इसके चलते बस्ती में तेजी से आग फैलती गई। आग की चपेट में आने से दलित बस्ती के रहने वाले वीरेंद्र राम की तीन, शनिचर की दो, सोनू की एक, बाबूराम की दो, सुरेंद्र लाल की दो, अच्छेलाल की दो, मारकंडेय की एक तथा श्यामबिहारी की चार रिहायशी झोपड़ियां जलने लगीं।
लोगों की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक दलित बस्ती जलकर राख हो चुकी थी। इस घटना में झोपड़ियों में रखी चारपाई, बिस्तर, कपड़े, साइकल, अनाज, बर्तन, अनाज सहित अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गए।