मुख्तार अंसारी की पहली बरसी परिवार के लोगों ने शुक्रवार को मनाई। इससे पहले परिवार के लोगों ने मुख्तार के सुपुर्द ए खाक होने की तिथि 30 मार्च को बरसी मनाने का निर्णय लिया था। मगर, शुक्रवार को सुबह कुरानख्वानी हुई और शाम को मुख्तार की कब्र पर फातिहा पढ़ी गई।
पिछले वर्ष 28 मार्च को जेल में मुख्तार अंसारी की मौत हो गई थी। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक बरसी सुपुर्द-ए-खाक के दिन 30 मार्च को मनाने का निर्णय लिया गया था। संभावना जताई जा रही थी कि मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे व मऊ विधायक अब्बास अंसारी भी आएंगे। लेकिन, परिवार के जिम्मेदारों ने बताया कि इस निर्णय को बदल दिया गया। अब निधन वाले ही दिन बरसी मनाने का निर्णय लिया गया। इसी वजह से तमाम लोगों ने सपा सांसद अफजाल अंसारी के आवास पर पहुंचकर संवेदना प्रकट की। शाम को अंसारी परिवार की तरफ से सांसद आवास के सामने मरहूम मलिक मियां के अहाता में सामूहिक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इसमें सांसद अफजाल अंसारी, विधायक सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी, जिला पंचायत सदस्य फेकू सिंह यादव, बलिराम पटेल, नपा चेयरमैन रईश अंसारी, पूर्व चेयरमैन शमीम अहमद, शंभू सिंह यादव आदि शामिल हुए।
इफ्तार के बाद मुख्तार अंसारी के पुत्र उमर अंसारी सहित परिवार के सदस्यों ने अंसारी परिवार के पैतृक कब्रिस्तान काली बाग जाकर मुख्तार की कब्र पर फातिहा पढ़ी। अलविदा की नमाज और मुख्तार अंसारी की पहली बरसी पर प्रशासन सतर्क रहा।