ग्रामीण डाक सेवक के लिए जनपद में 68 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों की जांच में अभी तक 26 के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गये हैं। जिसमें तमिलनाडु बोर्ड और झारखंड बोर्ड के अधिकांश अभ्यर्थी हैं। जनपद के पांच सब डिविजन स्तर से नियुक्ति की जा रही है। जिसमें हाईस्कूल के अंकों के आधार पर मैरिट तैयार किया गया था। जिसमें अधिक अंक प्राप्त करने वालों को चयनित किया गया। अ भ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा सामने आने से विभाग भौचक है। डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी प्रमाण-पत्रों की जांच हो रही है। 68 पदों में से दो पदों पर ही सेवा ली जा रही है। बाकी पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के कागजों की जांच के बाद 26 फर्जी प्रमाण-पत्र वाले अभ्यर्थी मिले हैं। जिससे मैरिट में उनके नीचे आने वाले अभ्यर्थियों को सूचित किया जा रहा है। ताकि उनके प्रमाण-पत्रों को मंगाकर जांच की जा सके और पदों पर नियुक्ति को पूरी की जा सके।
डाक अधिक्षक दिनेश शाह ने बताया कि नियुक्ति के बाद प्रमाण-पत्रों का फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। मैरिट लिस्ट में चयनित अभ्यर्थियों के बाद आने वालों का प्रमाण-पत्र मंगाया जा रहा है। जो फर्जी पाए गये हैं। उनको नियुक्ति प्रक्रिया में होने से उनको रिजेक्ट कर दिया गया है। अधिकारियों के निर्देशानुसार और विभाग के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।