दुल्लहपुर। वैश्विक महामारी कोरोना में कोई भूखा न रहे इसके लिए सरकार की तरफ से गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। बावजूद कोटेदारों पर इस निर्देश का असर नहीं दिखाई दे रहा है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से क्षेत्र के कई गांवों में उचित दर विक्रेताओं की ओर से कार्डधारकों को दो से पांच किलो तक गेहूं और चावल कम दिया जा रहा है।
जखनियां तहसील क्षेत्र के दुल्लहपुर, चुरामनपुर, जफरपुर, अमारी, बिशुनपुरा, हरदासपुर कला, रामपुर पतारी के कोटेदार प्रत्येक राशनकार्ड धारक के दो से पांच किग्रा खाद्यान्न की कटौती कर रहे हैं। दुल्लहपुर के शफीक अहमद, रीमा देवी, गोविंदा चौहान, जफरपुर के संदीप प्रजापति, संतलाल प्रजापति, रामविजय प्रजापति आदि ने आरोप लगाया कि कोटेदार निर्धारित मात्रा से कम अनाज दे रहे हैं। प्रत्येक माह मिलने वाले खाद्यान्न में दो से पांच किग्रा की कटौती करने से उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं कई कोटेदारों की तरफ से समय पर खाद्यान्न नहीं दिया जाता है जिससे कार्डधारकों को राशन लेने के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में कुछ कार्डधारक निराश होकर अपना खाद्यान्न छोड़ दे रहे हैं। जखनियां तहसील के पूर्ति निरीक्षक अमित यादव ने बताया कि ऐसा कोई निर्देश नहीं है कि राशनकार्ड धारक से अनाज की कटौती करें। इस संबंध में जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।