मनिहारी। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है, लेकिन मनिहारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यही डिजिटल व्यवस्था गरीब मरीजों के लिए परेशानी बन गई है। यहां फरवरी से एक्स-रे फिल्म खत्म है। मरीजों का एक्स-रे तो हो रहा है, लेकिन रिपोर्ट की हार्ड कॉपी नहीं मिल रही। जिनके पास स्मार्टफोन है, उन्हें व्हाट्सएप पर रिपोर्ट भेज दी जाती है, लेकिन जिनके पास स्मार्टफोन नहीं, वे सिर्फ डॉक्टर के मोबाइल पर अपनी रिपोर्ट देखकर लौटने को मजबूर हैं। वहीं प्रभारी सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में डिजिटल एक्स रे की सुविधा शुरू की गई है। जबकि एक्स रे फिल्म की सुविधा खत्म कर दी गई है।
बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचे कई मरीजों ने अपनी परेशानी बताई। खतीरपुर निवासी मेवा चौहान, रामपुर निवासी जय सिंह और मनिहारी निवासी उद्धव राजभर सीने में जकड़न और कफ की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे। चिकित्सक ने एक्स-रे कराने को कहा, लेकिन जांच के बाद उन्हें रिपोर्ट की हार्ड कॉपी नहीं मिली।
मरीजों ने बताया कि टेक्नीशियन ने सबसे पहले पूछा कि उनके पास स्मार्टफोन है या नहीं। जब उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन नहीं है तो एक्स-रे की तस्वीर अपने मोबाइल में रखकर डॉक्टर को दिखा दी गई। इलाज तो हो गया, लेकिन रिपोर्ट उनके हाथ नहीं आई। संवाद
अगर बाद में किसी दूसरे अस्पताल जाना पड़ा तो क्या दिखाएंगे? हमारे पास तो रिपोर्ट ही नहीं है। वहां क्या दिखाएंगे? रिपोर्ट के अभाव में पुन: एक्स-रे कराना मजबूरी होगी।-मेवा चौहान, मरीज, खतीरपुर।
सरकारी अस्पताल में जांच कराने के बाद भी मरीज के पास उसका रिकॉर्ड नहीं होना बड़ी परेशानी है। एक्स-रे रिपोर्ट के बगैर दूसरे चिकित्सक के यहां जाना मुश्किल है।-जय सिंह, मरीज, रामपुर।
गांव के अधिकतर बुजुर्गों के पास स्मार्टफोन नहीं है। डिजिटल व्यवस्था अच्छी है, लेकिन हार्ड कॉपी भी मिलनी चाहिए। जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं उनके लिए यह परेशानी का कारण है।-उद्धव राजभर, मरीज, मनिहारी।
अस्पताल में एक्स-रे की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे उसे किसी भी डॉक्टर या अन्य अस्पताल में दिखा सकें। यदि लंबे समय से अस्पताल में एक्स-रे फिल्म उपलब्ध नहीं है, तो यह व्यवस्था की खामी है। -सत्यम कुमार, युसुफपुर।
ग्रामीण मरीजों की सबसे बड़ी चिंता
अस्पताल आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कई के पास स्मार्टफोन नहीं है तो कई व्हाट्सएप चलाना नहीं जानते। ऐसे में न तो वे अपनी रिपोर्ट सुरक्षित रख पा रहे हैं और न ही जरूरत पड़ने पर किसी विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखा सकते हैं।
अस्पताल में एक्स-रे की फिल्म नहीं दी जाती है। मरीजों को एक्स-रे की डिजिटल कॉपी व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। यह व्यवस्था डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर अपनाई गई है, ताकि कागज और अन्य संसाधनों का कम उपयोग हो तथा पेड़ों की कटाई में कमी लाई जा सके।-डॉ. अमर कुमार, चिकित्सा प्रभारी, सीएचसी मनिहारी।
डिजिटाइजेशन हो गया है। सीएचसी पर डिजिटल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध है। अब एक्स-रे की रिपोर्ट सीधे मरीज के स्मार्टफोन पर भेजी जा रही है। इसके चलते एक्स-रे फिल्म की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। - डॉ. मनोज कुमार, प्रभारी सीएमओ एवं एसीएमओ।