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अनुपस्थित डाक्टर से मांगा स्पष्टीकरण, टेक्निशियन को फटकार

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जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बृहस्पतिवार को गोराबाजार स्थित जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अनुपस्थित मिले डाक्टर और डायटिशियन के साथ आपात कक्ष में तैनात डाक्टर से स्पष्टीकरण का निर्देश दिया। साथ ही एक्स-रे टेक्निशियन की जमकर क्लास लगाई। साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
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कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन के बाद उनका काफिला सीधे जिला अस्पताल पहुंचा। उन्होंने आकस्मिक कक्ष, पर्ची काउंटर, ओपीडी कक्ष एवं सभागार, अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक्स-रे कक्ष, सर्जरी विभाग, मानसिक रोग विभाग, मेडिसिन विभाग, टीबी एवं चेस्ट विभाग, ईसीजी लैब, पैथोलॉजी कक्ष, बाल रोग वार्ड, वर्न वार्ड, आईसीयू कक्ष, एनआरसी कक्ष, मेडिकल वार्ड (पुरूष एवं महिला), मेडिसिन वार्ड, डायलिसिस कक्ष एवं मेडिकल वार्ड प्रथम एवं द्वितीय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक्स-रे कक्ष में मौजूद गोड़ऊर गांव निवासी मरीज दरोगा प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन दिनों से एक्स-रे न हो रहा है।
शिकायत पर डीएम ने एक्स-रे टेक्निशियन को फटकार लगाते हुए तत्काल एक्स-रे करने का निर्देश दिया। ओपीडी कक्ष में नाक, कान और गला के विशेषज्ञ डा. शिव प्रकाश और एनआरसी वार्ड में डायटिशियन गुंजा सिंह द्वारा बिना परमिशन नदारद मिलने पर स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इसके बाद वह मेडिकल महिला वार्ड पहुंची जहां तीमारदार रेनु राय ने बताया कि आपात कक्ष में तैनात चिकित्सक डा. एसपी चौधरी के द्वारा चिकित्सालय से बाहर की दवा लिखी जाती है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा।
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वार्डों एवं शौचालयों में साफ-सफाई और वार्ड में जंग लगी टेबल देखकर फटकार लगाते हुए साफ-सफाई एवं नए टेबल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। एनआरसी वार्ड के चिकित्सक डा. प्रत्युश श्रीवास्तव के असंतोषजनक कार्य पर उन्हें सचेत किया और वार्ड में साफ-सफाई कराने दीवारों पर कार्टून पेंटिग, खिलौनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए वार्ड कोहैप्पी होम बनाने को कहा।
भर्ती बच्चों की माताओं एवं परिवारजनों से उनके स्वास्थ्य एवं मेनू के आधार पर दिये जाने वाले भोजन एवं दवाओं की जानकारी ली। उन्होंने भर्ती हुए बच्चों का वजन एवं उनकी बीमारी सही होने के बाद ही डिस्चार्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही पर्ची काउंटर पर ओपीडी कक्ष में तैनात चिकित्सकों के नाम, उपस्थित रहने के दिन एवं समय की सूची चस्पा कराने और अस्पताल में बंद लिफ्ट को चालू कराने के निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डा. हरगोविंद, महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा एवं अन्य अधिकारी के साथ स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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