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Ghazipur News: योजनाओं का सभी को मिले लाभ

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जिले में गुड गवर्नेंस के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली, स्वास्थ्य, शिक्षा, शिकायत निवारण आदि के क्षेत्रों में की गई कार्यवाहियों के संबंध में सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर के क्रियान्वयन को लेकर रा इफल क्लब सभागार में बैठक हुई।
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इस मौके पर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में वृहद कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण अंचल क्षेत्रों की बहुत ऐसी समस्याएं होती हैं जो कि हम लोगों तक पहुंच नही पाती हैं। इस तरह की समस्याओं का समाधान समय से न होने के कारण स्थानीय लोगों को लंबे समय तक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और विकास अवरूद्घ होता है।
ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी से छोटी समस्याओं को प्राथमिकता के तौर पर निस्तारण के लिए सुशासन सप्ताह दिनांक 19 से 25 दिसंबर तक मनाया जा रहा है। जिसमें जनपद/तहसील/ब्लॉक स्तरीय अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का निस्तारण कर तथा शासन द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का छूटे एवं पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करेंगे। जिलाधिकारी ने जनपद/तहसील/ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को सुशासन प्रथाओं/पहलों पर चौपाल का आयोजन करने और सेवानिवृत्त अधिकारी के परामर्श के साथ जिले के लिए एक विजन की रूपरेखा तैयार करने में प्रमुख शिक्षण संस्थानों के सेवानिवृत्त शिक्षाविदों और विचारकों को भी इसमें शामिल किया जाए।
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प्रशासनिक अनुभव वर्तमान की ऊर्जा के साथ योजना को पूरा करने में लाभकारी सिद्ध होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद मे चरित्र प्रमाण पत्र हेतु आनलाईन व्यवस्था की शुरूआत की गयी है जिसके क्रम मे कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है, जिसमे एक सप्ताह के अन्द चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किये जाने का नवाचार किया गया है इसके तहत प्रमाण पत्र भी जारी किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सुशासन का अंतिम और असली उद्देश्य यह है कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ जनपद के सबसे दूरस्थ गांव में रहने वाले हर एक नागरिक तक पहुंचना चाहिए, जिससे अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सके और सुशासन के माध्यम से वांछित परिणाम प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उत्थान की परिकल्पना जमीनी स्तर पर वास्तविक विकास का आकलन करने के लिए एक परिणाम-आधारित दृष्टिकोण पर बल देती है।
19 दिसंबर से 25 दिसंबर तक सुशासन सप्ताह-‘प्रशासन गॉव की ओर अभियान‘‘ चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से दूरस्थ गांव के लोगों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करते हुए योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए, योजनाओं को वास्तविक रूप से निचले स्तर पर रहने वाले लोगों की जरूरतों और इच्छाओं को ध्यान में रखना चाहिए और एक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह तरीके से नवीनतम तकनीकी साधनों के माध्यम से लागू किया जाना चाहिए। ग्रामीण और उपेक्षित क्षेत्रों का विकास शासन की मुख्य प्राथमिकताओं में से है और शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटना है। जिलाधिकारी ने कहा कि सुशासन का मुख्य उददेश्य लोगों के प्रति अच्छा व्यवहार, सौंप गए दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारी पूर्वक करने एवं आम जनमानस की प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से करना है।
कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों व जनपद स्तरीय अधिकारियों ने पूर्व में तथा चल रहे सुशासन सप्ताह के दौरान प्राप्त उपलब्धियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। आभार अपर जिलाधिकारी भू राजस्व सुशील लाल श्रीवास्तव ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुभाष चंद्र प्रसाद लेखा और कार्यक्रम सहायक नेहरू युवा केंद द्वारा किया गया।
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