गाजीपुर। जिले में एचआईवी संक्रमित मरीजों द्वारा एआरटी दवाएं छोड़ने की प्रवृत्ति चिंता का विषय बनती जा रही है। हर माह 85 से 90 मरीज नियमित दवा नहीं ले रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। एआरटी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. शफा उल्लाह खान ने बताया कि वर्ष 2011 से जिले में एआरटी सेंटर संचालित है।
मार्च 2026 तक जिले में 2470 एचआईवी संक्रमित मरीज पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 75 प्रतिशत ट्रक ड्राइवर और प्रवासी श्रमिक हैं। इन मरीजों को वायरस नियंत्रित रखने के लिए नियमित एआरटी दवाएं दी जाती हैं, जिससे शरीर में वायरस की मात्रा कम रहती है और संक्रमण का खतरा घटता है।
उन्होंने बताया कि जो मरीज एक माह या उससे अधिक समय तक दवा छोड़ देते हैं, उनमें वायरस की मात्रा तेजी से बढ़ जाती है, जिससे दूसरों के संक्रमित होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके बावजूद जनवरी में 82, फरवरी में 86 और मार्च में 98 मरीज दवा लेने सेंटर नहीं पहुंचे। मरीजों को जागरूक करने के लिए निजी संस्थाओं के 17 फील्ड वर्कर लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जिले में 73 मरीजों की मौत भी हो चुकी है।