गाजीपुर । जिला अस्पताल में लंबे समय से जमे एक लिपिक का दो वर्ष पूर्व स्थानांतरण होने के बाद भी कार्यमुक्त नहीं किया गया। शासन के इस निर्देश को फाइलों में दबाकर रख दिया गया। यही नहीं स्थानांतरण होने के बावजूद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से वेतन का भुगतान जारी रखा गया। यह तो सिर्फ बानगी मात्र है, कई विभागों में स्थानांतरण का फरमान जारी होने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जिला अस्पताल में लंबे समय से एक ही पद पर तैनात एक लिपिक का स्थानांतरण दो वर्ष पूर्व शासन की ओर से बलिया कर दिया गया था। उस समय मौजूद तत्कालीन सीएमएस व स्वास्थ्य कर्मियों ने मिली भगत करके आदेश की फाइल को दबा दी गई। वहीं लंबे समय से एक ही पटल पर जमे लिपिक को बचाने के लिए कोई भी जतन नहीं छोड़ा गया। इसी दौरान तत्कालीन सीएमएस सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद कार्यभार संभाले नए सीएमएस से मिली भगत करके स्थानांतरण के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। हालांकि यह किसी एक विभाग का मामला नहीं है। अधिकांश विभागों की भी यही हालत है। इस संबंध में सीएमओ डा. जीसी मौर्या ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात लिपिक का स्थानांतरण तत्कालीन सीएमएस डा. एसएन प्रसाद के समय बलिया हुआ था। अब तक क्यों नहीं उसे कार्य मुक्त किया गया। यह जिला अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है।