सुहवल। थाना क्षेत्र बवाड़ा गंगा घाट पर नहाते समय डूबे दो किशोरों का 24 घंटे बाद भी पता नहीं चल सका। हादसे के दूसरे दिन कई घरों के चूल्हे नहीं जले और गांव में मातम पसरा रहा। रोते-बिलखते परिजन आने-जाने वालों की ओर आस से टकटकी लगाए है कि कोई उनके कलेजे के टुकड़ों की जानकारी दे सके। हालांकि पुलिस टीम स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश जारी रखे है।
रोते-बिलखते परिवार के सदस्यों की जुबान पर बस एक बात थी की सबके कष्ट हरने वाले भगवान भोले नाथ ने सावन के सोमवार पर ही कलेजे के टुकड़े को अपने पास बुला लिया। इन बातों को कहकर बार-बार अचेत हो रहे परिजनों को देख किसी का भी कलेजा कांप जा रहा था। सावन के तीसरी सोमवार को बवाड़ा गंगा तट पर नहाने गए बड़ौरा गांव निवासी सुजीत और संदीप डूब गए थे। उनका तीसरा साथी अनुज गंगा तट पर बैठा था। इसी दौरान दोनों छात्र गहरे पानी में डूबने लगे। जब तक आसपास के लोग गंगा घाट पर पहुंचते दोनों डूब चुके थे। इधर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी देर शाम तक तलाश में जुटे रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गंगा में डूबे किशोरों की तलाश गोताखोरों की सहायता से जारी है।