या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:। शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही नौ दिनों तक शक्ति की आराधना की जाएगी। नवरात्र के पहले दिन शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्गा मंदिरों विशेषकर मां कामाख्या धाम पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर जगतजननी का दर्शन-पूजन करेंगे।
शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो रहा है। इसके पहले दिन मां शैलपुत्री के पूजन-अर्चन का विधान है।
नौ दिवसीय इस व्रत पर्व को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों पर आज से भक्तों का तांता लगेगा। मां के दरबार में मत्था टेककर भक्त मां से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। नवरात्र पर अधिकांश घरों में कलश की स्थापना कर पूरे मनोयोग से पूजन-अर्चन कर शक्ति की आराधना की जाती है। नवरात्र में बड़ी संख्या में देवी भक्त व्रत भी रखते हैं।
कई भक्त ऐसे भी होते हैं, जो पूरे नौ दिनों तक व्रत रखकर मां की आराधना करते हैं। इस व्रत पर्व की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने कलश सहित पूजा से संबंधित अन्य सामग्रियों की खरीदारी की। लोगों ने नारियल, चुनरी, कलश, धूप-अगरबत्ती आदि की खरीददारी की। खरीददारी का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इसके चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में चहल-पहल रही।
नवरात्र को लेकर कई देवी मंदिरों की साफ-सफाई के साथ ही रंगाई-पुताई का भी कार्य कराया गया है। गहमर स्थित मां कामाख्या धाम पर जिले सहित अन्य जिलों के लोग भी मां का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं। पूरे नवरात्र भर यहां हवन-पूजन का कार्य होता है। इस अवसर पर कई लोग मुंडन संस्कार का कार्यक्रम भी संपन्न कराते हैं। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।