संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। रोडवेज डिपो में तैनात कनिष्ठ लिपिक द्वारा एमआरएम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाने और खुदकुशी के प्रयास का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को रोडवेज कर्मचारियों का संगठन जहां एमएलसी विशाल सिंह चंचल से मिला। वहीं, दोपहर बाद वाराणसी से रोडवेज डिपो में पहुंचे एसएम प्रियम श्रीवास्तव ने विभागीय जांच की। वे डिपो में पांच घंटे तक रहे। इस दौरान कई कर्मचारियों का बयान भी लिए।
एआरएम आरोप लगाया जा रहा है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों दबाव बना रहे हैं। साथ ही खामियां मिलने पर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। आरोप लगाया कि इसी के चलते ही कनिष्ठ लिपिक उमेश तिवारी हार्ट अटैक आने के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, नियाज अहमद बीते पांच सितंबर को स्टेशन परिसर में ही हार्ट अटैक से मृत पाए गए। यहीं नहीं संविदा चालक अजय कुमार सिंह ने बीते सात सितंबर को कार्यशाला परिसर में खड़ी बस के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं, कनिष्ठ लिपिक दया पाल को बीते 18 सितंबर को बस स्टेशन परिसर में मानसिक रुप से प्रताड़ित किए, जिससे कर्मचारी द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया। इधर, एआरएम इन आरोपों को झूठा बता रहे हैं। इसी मामले की विभागीय जांच शुरू हो गई है। इसी क्रम में दोपहर एक बजे एसएम वाराणसी प्रियम श्रीवास्तव पहुंचे। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी दोनों पक्षों से हासिल की। साथ कई कर्मचारियों का बयान भी दर्ज किए। वे शाम पांच बजे वाराणसी के लिए रवाना हो गए।