औड़िहार। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्षमता एवं संवर्द्धन विकास के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय सैदपुर (प्रथम) पर किया गया। वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेसिक शिक्षा के अंतर्गत सौंपी गई नई जिम्मेदारी एवं प्री-प्राइमरी एजुकेशन से जोड़े जाने पर प्रकाश डाला। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों को उसका लाभ पहुंचाने पर बल दिया। मुख्य अतिथि बीईओ मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेसिक शिक्षा से जोड़कर उन्हें एलकेजी से लेकर कक्षा तीन तक के बच्चों को नए तौर-तरीके से शिक्षित बनाने का उत्तरदायित्व सौंपा है। इसी के तहत उन्हें मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने केंद्रों पर कक्षाएं संचालित कर सकेंगी। बाल विकास परियोजना अधिकारी मीनाक्षी ने कहा कि सैदपुर परियोजना के तहत 267 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों से जुड़ी आंगनबाड़ियों को चार चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसरार अहमद सिद्दीकी ने कहा कि अभी तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संदर्भ सेवाओं से जुड़कर छोटे बच्चों को ज्ञानार्जन कराती रही हैं अब वह शिक्षा देने का काम करेंगी। बताया कि जहां आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है वहां प्राथमिक विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण होगा।
डॉ. रविंद्र सिंह यादव, रामजीत यादव, प्रशिक्षक बेबी श्रीवास्तव, आशा पांडेय, जानकी देवी, कमलेश सिंह यादव आदि ने विचार रखे। इस दौरान अनूप चौरसिया, अमरनाथ बारी उपस्थित थे। ंचालन गोरखा न्याय पंचायत के एआरपी अभिषेक ने किया।