गाजीपुर। जिला पंचायत द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास की विभिन्न परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने में कार्यदायी संस्थाएं फिसड्डी साबित हो रही हैं। यही वजह है कि 348 परियोजनाओं में से महज 80 परियोजनाओं को ही अब तक पूरा किया जा सका है। विकास की रफ्तार तेज करने के लिए ग्रामीण इलाके में कई सड़कों पर कार्य तेजी से चल रहा है। लंबे समय से जर्जर व टूटी सड़कों की सूरत बदलने की दिशा में निर्माण कार्य चल रहा है। वर्तमान में तीस बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने में विभाग रात-दिन जुटा हुआ है।
जिले के ग्रामीण इलाके के ऐेसे मार्ग जो अब चलने के लायक नहीं बचे हैं, उनके निर्माण एवं मरम्मत का कार्य बहुत जल्द आरंभ किया जाएगा। इसके लिए 25 सड़कों के टेंडर की प्रकिया पूरी कर ली गई है। जबकि पांच अन्य सड़कों का टेंडर अभी होना बाकी है। इनमें 11 परियोजनाएं ऐसी भी हैं, जिनकी लागत 50 लाख से अधिक है। इनके पूरा होते ही जनपद के विकास में चार-चांद लगना तय है। इतना ही नहीं कुल 348 परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जनपद की लगभग सभी सड़कों का कायाकल्प होगा। सड़कों के साथ ही अन्य विकास कार्यो को भी मुकाम मिलेगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि विकास खंड मरदह से मटेहूं सलामतपुर मार्ग पर 800 मीटर सड़क 25 लाख की लागत से बननी है। कासिमाबाद मार्ग से गेहूंडी यादव बस्ती तक 500 मीटर सड़क 16 लाख कि लागत से बनेगी। उन्होंने बताया कि पिछले सत्र में 348 परियोजना के सापेक्ष 80 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना पूरा होने में कोरोना संक्रमण काल का हवाला देते हुए बताया कि अब कार्य में तेजी आ गई है, अन्य परियोजनाओं पर तेजी से कार्य कराया जाएगा।