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हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की...

Sat, 05 Sep 2015 11:39 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गाजीपुर
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शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर मंदिरों के साथ घरों में श्रीकृष्ण के जन्म से संबंधित आकर्षक झांकियां सजाई गई थी। झांकी में माखन चोर के जीवन से जुड़ी कई
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घटनाओं को दर्शाया गया था। रात 12 बजते ही चहुंओर जय कन्हैया लाल की गूंज के साथ घंट-घड़ियाल बजाकर नंद के घर आनंद भयो गाकर खुशियां मनाई गईं।

इस मौके पर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों और घरों में भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी झांकियां सजाई गईं। श्रीकृष्ण का जन्म, वासुदेव की ओर से सूप में लेकर नदी पार करना, नटखट कान्हा की अटखेलिया, नागनथैया, कंस का

वध तथा कृष्ण का अर्जुन को गीता का उपदेश आदि झांकियां शहर समेत कसबों तथा गांव-गिराव में सजाई गई थीं, जिन्हें देखने के लिए देर रात तक भीड़ बनी रही। शहर के कचहरी परिसर में कई प्रकार की झांकियां सजाई गई थीं,
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जिनका लोग दर्शन करते रहे। मिश्रबाजार महुआबाग, लंका, गोराबाजार, सकलेनाबाद, आमघाट, रौजा, लाल दरवाजा, चीतनाथ, नखास, महाजनटोली, नवाबगंज, उर्दू बाजार, सुजावलपुर आदि जगहों पर मंदिरों और कई घरों में मनमोहक

झांकियां सजाई गई थी। इसी प्रकार मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा, सिधागरघाट, ताजपुर डेहमा, गहमर, भदौरा, दिलदारनगर, सुहवल, जमानिया, मतसा, करंडा, सहेड़ी, सैदपुर, खानपुर, भीमापार, सादात,

शादियाबाद, बहरियाबाद, नंदगंज, देवकली, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर में भी भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी झांकियों की सजावट की गई थी।

रात के बारह बजते ही घंट और घड़ियाल बजाकर कान्हा के जन्म की खुशियां मनाई गईं। शहर तथा गांव हर जगह नंद को आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की गूंज सुनाई देने लगी। महिलाओं ने सोहर

गाया। रात को हर क्षेत्र में इस प्रकार के जयकारे से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। मंदिरों में भगवान कृष्ण को पंचामृत तथा घी आदि से अभिषेक किया गया। पुजारियों ने विशेष पूजन-अर्चन कर लोगों में प्रसाद वितरित किया।

जन्माष्टमी पर्व पर श्रद्धालुओं ने व्रत रहकर भजन-कीर्तन किया। जहां डोल तथा झांकियां रखी गई थीं, वहां देर रात तक श्रद्धालु एकत्र होकर राधे-कृष्ण के भजन गाते रहे। कई जगह डीजे की धुन पर युवक तथा बच्चें थिरकते रहे। रात को

भगवान के जन्म के बाद कई लोगों ने प्रसाद खाकर व्रत तोड़ा। इधर जन्म के बाद रात को ही घरों में प्रसाद भी बांटे गए। मंदिरों पर भी तरह-तरह के आयोजन कर व्रती महिलाओं द्वारा भगवान की लीला का बखान किया जाता रहा।

भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था। इसके चलते इस पर्व को थानों पर भी काफी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। पुलिस लाइन में राधे-कृष्ण मंदिर पर बेहतरीन सजावट की गई थी। कीर्तन-भजन का कार्यक्रम का

भी आयोजन किया गया था। इसी प्रकार सदर कोतवाली, मुहम्मदाबाद सहित जिले भर के सभी थाने पर भगवान के जन्मोत्सव को उत्साह के साथ मनाय गया। थानों में उत्साह का माहौल रहा।
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